-महावीर कुमार सहदेव- *पतित पावनी गंगा का अवतरण दिवस आज,गंगादशहरे के नाम से मनाया जाता है पूरे भारतवर्ष में* हरिद्वार-बीकानेर/ 20 जून 2021/ मां गंगा का आज के ही दिन धरती पर अवतरण हुआ था इसी कारण हर वर्ष जेष्ठ मास की शुक्ल दशमी को गंगा दशमी व गंगा दशहरे के रूप में मनाया जाता है.हरिद्वार गंगा गुरु संदीप झा ने बताया कि त्रेता युग में राजा सगर के साठ हजार पुत्रों को मुक्ति दिलाने के लिए राजा भागीरथ ने घोर तपस्या कर गंगा को प्रसन्न किया एवं स्वर्ग से धरती पर गंगा को लेकर आए इसलिए गंगा को भागीरथी नाम से भी जाना जाता है.आज के दिन गंगा तट पर व गंगा मंदिरों में मेले का सा माहौल रहता है और विशेष रूप से आज के दिन स्नान कर मनुष्य अपने आप को पाप मुक्त मानता है ऐसी मान्यता है.कोरोना की वजह से सोशल डिस्टेंस व आवागमन पर रोक लगी हुई है इसको देखते हुए झा बताते हैं कि पतित पावनी गंगा का जल अपने नहाने के जल में मिलाकर स्नान करने से गंगा स्नान का पुण्य अपने घर पर ही पाया जा सकता है.आज के दिन गंगा स्तुति,गंगा आरती,गंगास्तोत्र आदि पढ़कर गंगा दशहरे का पावन पर्व अपने घर पर ही मनाया जा सकता है ऐसा कर प्राणी पुण्य प्राप्त कर सकता है!














