

25 अक्टूबर, श्रीगंगानगर, श्री गुरु अर्जुन दास सत्संग भवन के संस्थापक एवं श्री रूद्र हनुमान सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गुरु अर्जुन दास जी के द्वारा श्री हनुमान राम नाटक समिति के द्वारा सुखाडिया सर्कल पर हो रही रामलीला में महर्षि वाल्मीकि एवं परशुराम जी विशिष्ट जी का किरदार अदा किया गया। तीनों ही
किरदारों में गुरुजी सशक्त भूमिका में नजर आए। दशहरे के दिन रावण वध के साथ ही रामलीला समाप्त हुई। आज राम राज्य तिलक होगा। दिनांक 5.11.23अतवार को ब्रह्मा भोज सत्संग भवन में आयोजित किया जाएगा।आप सभी सादर आमंत्रित हैं। श्री गुरु अर्जुन दास जी गुरूजी द्वारा संदेश दिया गया कि “दशहरा हर्ष और उल्लास तथा विजय का पर्व है। भारतीय संस्कृति वीरता की पूजक है, शौर्य की उपासक है। व्यक्ति और समाज के रक्त में वीरता प्रकट हो इसलिए दशहरे का उत्सव रखा गया है। दशहरा का पर्व दस प्रकार के पापों- काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी के परित्याग की सद्प्रेरणा प्रदान करता है। हमें भी अपने भीतर छुपे राम और रावण को पहचानना चाहिए और अहंकार रूपी रावण का वध करना चाहिए। इसीसे ही राम राज्य की स्थापना हो सकती है।सभी समिति सदस्यो को हार्दिक आभार व्यक्त किया गया
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गुरु अर्जुन दास









