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शास्त्रीय संगीत आधारित गीतों के जरिए की जाएगी मतदान की अपील
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जिला निर्वाचन अधिकारी ने किया तीन मतदान प्रेरणा गीतों के पोस्टर का विमोचन
चिरमी, राग मालकोश और तीन ताल पर आधारित मतदान गीतों का हुआ विमोचन
बीकानेर, 3 नवंबर। जिला निर्वाचन अधिकारी भगवती प्रसाद कलाल ने मतदाताओं को मतदान प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से तैयार किए गए तीन गीतों के पोस्टर का शुक्रवार को विमोचन किया।
ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि इन गीतों में शास्त्रीय संगीत का प्रयोग कर आमजन को मतदान करने व अन्य लोगों को प्रेरित करने की अपील की गई है। शास्त्रीय संगीत प्रयोग कर एक नवाचार के रूप में ये गीत आम लोगों को लोकतंत्र की मजबूती में अपनी भूमिका का निर्वहन करने का संदेश देंगे। उन्होंने बताया कि इन गीतों में लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने व निर्भीक होकर मतदान करने‌ की अपील की गई है।

गीतों को स्वर आचार्य राजेंद्र जोशी और प्रभा किराडू द्वारा दिया गया है। जोशी ने बताया ने मतदान प्रेरणा के लिए बनाए गए इन गीतों में शास्त्रीय संगीत का विशेष प्रयोग किया गया है। तबला पर संगत पंडित नवरत्न जोशी ने की है । उन्होंने कहा कि शास्त्रीय संगीत के प्रति विशेष रुचि रखने वाले लोग इन गीतों से विशेष रूप से प्रेरित हो सकेंगे। इन गीतों का सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा जिससे अधिक से अधिक लोगों तक इन गीतों को पहुंचाया जा सके और लोग इनसे प्रेरणा लेकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

ये है प्रेरक गीत
जोशी ने बताया कि- आओ आओ आओ सब,करें मतदान। घर घर पहुंचे यह पैगाम,एक वोट की कीमत समझे, जागरूक हो हर इंसान*गीत के जरिए मतदाताओं को मतदान के संबंध में संदेश दिया गया है। यह राजस्थानी पारम्परिक धुन चिरमी पर आधारित है।एक अन्य गीत सबसे बड़े लोकतंत्र के हम मतदाता
संविधान ने दिया मतदान का अधिकार, भय मुक्त हो करें मतदान में निर्भीक होकर मतदान की अपील की गई है। इसी प्रकार एक अन्य गीत – आओ मिलकर करें मतदान ना भूलें 25 नवंबर- के माध्यम से अपने लोकतंत्र पर गर्व करते हुए मतदान का संदेश दिया गया है। ये दोनों गीत मालकोश राग और तीन ताल पर आधारित है।गीत की रिकॉर्डिंग जय कमल रिकॉर्डिंग स्टूडियो द्वारा की गई है। इस अवसर पर पंकज जिंदल भी उपस्थित रहे।

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दिलीप गुप्ता

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