
दिव्यांग सेवा संस्थान गंगाशहर में भारतीय समाज में राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया।
कार्यक्रम में सुभाष यादव ने बताया कि बालिकाओं के सामने आने वाली असमानताओं के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। यह दिन न केवल बच्चियों की शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और पोषण में समान अवसरों की वकालत करता है। बल्कि बालिकाओं के अधिकारों के बारे में जागरूकता को भी बढ़ावा देता है। विशेष अध्यापक अजय कुमार ने बताया कि इस दिन को मनाने का खास मकसद बालिकाओं के अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाना है। विशेष अध्यापक रोहित कुमार ने बताया कि लड़का और लड़की को समान अधिकार दिलाना है। संस्थान संचालक जेठा राम ने मूक बधिर बच्चों को sign language में बताया की 24 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं बालिका दिवस?
बालिका दिवस को 24 जनवरी के ही दिन क्यों मनाते हैं इसकी एक खास वजह ये है कि साल 1966 में 24 जनवरी के दिन ही इंदिरा गांधी ने पहली महिला प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। देश में पहली महिला प्रधानमंत्री बनने को उपलब्धि मानते हुए ही 24 जनवरी के दिन को बालिका दिवस के रूप में चुना गया है।
कार्यक्रम में संगीता सुथार, ओमप्रकाश भादू आदि मौजूद रहे।














