जयपुर
राजस्थान के सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में 10 जून से एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होगी। हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार 12वीं पास स्टूडेंट्स फर्स्ट ईयर में एडमिशन के लिए 19 जून तक अप्लाई कर सकेंगे। इसके बाद 28 जून को सिलेक्ट हुए स्टूडेंट्स की फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी। 1 जुलाई से प्रदेश के 556 से ज्यादा सरकारी और 1850 से ज्यादा प्राइवेट कॉलेज में ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड पर पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
सरकार की ओर से इस बार एडमिशन पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया गया है। इस बार छात्राओं को 3% बोनस अंक दिए जाएंगे। साथ ही सेल्फ डिफेंस ब्लैक बेल्ट हासिल कर चुकी छात्राओं को पांच प्रतिशत बोनस अंक देने का फैसला किया है।
वहीं, टीएसपी क्षेत्र में कॉलेजों में न्यूनतम स्टूडेंट की संख्या में 25% तक की छूट दी गई है। इसके साथ ही गरीब श्रमिक स्टूडेंट्स को फ्री शिक्षा देने का फैसला किया गया है। जबकि पाक विस्थापितों को भी प्रायोरिटी पर एडमिशन देने के लिए स्पेशल कोटा बनाया गया है।
कॉलेजों एडमिशन पॉलिसी के प्रमुख बदलाव
गर्ल्स को एडमिशन में तीन प्रतिशत बोनस अंक दिए जाएंगे। इसके साथ ही उन्हें गैप एजुकेशन नियम में भी राहत दी गई है।
पाकिस्तान विस्थापित और दिव्यांग अभ्यर्थियों को स्पेशल कोटे में एडमिशन दिया जाएगा।
ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को केवल सहशिक्षा (को-एजुकेशन) कॉलेजों में न्यूनतम अंकों के आधार पर एडमिशन दिया जाएगा।
खेलकूद के साथ समाज सेवा से संबंधित गतिविधियों में उपलब्धि हासिल करने वाले स्टूडेंट्स को बोनस अंकों के आधार पर एडमिशन दिया जाएगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं में हिस्सा लेने वाले स्टूडेंट्स के लिए कॉलेज में फ्री सेमिनार का आयोजन किया जाएगा।
गरीब तबके के स्टूडेंट्स के लिए कॉलेज में प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर की ओर से बुक बैंक की स्थापना की जाएगी।
रिजर्व सीटों में अब राजस्थान पुलिस कर्मियों के बच्चों को भी जगह
कॉलेज में एडमिशन के लिए भारतीय सेना, केंद्रीय सशस्त्र बल के कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों के बच्चों के लिए 3% सीटें आरक्षित थीं। इनमें अब राजस्थान पुलिस कर्मियों के बच्चों काे भी जगह मिलेगी।
प्रदेश के कॉलेज में एडमिशन के लिए आट्र्स, कॉमर्स में कम से कम 45% और साइंस में कम से कम 12वीं में 48% नंबर लाने पर ही एडमिशन हाेंगे।
मूल रूप से भारत के रहने वाले विदेशी बच्चों को भी राज्य के कॉलेज में एडमिशन दिया जाएगा। जबकि मूल रूप से विदेशी छात्रों को इस बार एडमिशन नहीं मिल सकेगा।
काेराेना की वजह से जिन स्टूडेंट्स के पेरेंट्स या फिर जिन छात्राओं के पति की माैत हुई है। उन्हें मिनिमम मार्क्स के आधार पर फ्री एडमिशन दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें हॉस्टल की सुविधा भी फ्री मिलेगी।
UGC के नियमों के अनुसार जो कॉलेज ऑनलाइन एजुकेशन के लिए माननीय नहीं है। उनकी डिग्रियों के आधार पर भी राजस्थान के कॉलेज में एडमिशन नहीं दिया जाएगा।
14 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स को मिलेगा एडमिशन
राजस्थान में 556 से ज्यादा सरकारी कॉलेज है। इनमें 6 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स को परसेंटेज के आधार एडमिशन दिया जाएगा। वहीं, 1850 से ज्यादा प्राइवेट कॉलेज है, जिनमें 8 लाख स्टूडेंट्स को शिक्षा विभाग की एडमिशन पॉलिसी के आधार पर एडमिशन मिलेगा















