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प्रकृति संरक्षण,जीवदया सहित पूरी मानवता के लिए उपयोगी शब्दवाणी, उनतीस नियमो के व्याख्यान सहित जाम्भाणी संस्कार शिविर का आगाज कल से।
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विश्व के प्रथम पर्यावरणविद तथा प्रकृति संरक्षण के प्रणेता गुरु जम्भेश्वर जी द्वारा मानव हितार्थ उच्चारित शब्दवाणी तथा समस्त विश्व में प्रकृति संरक्षण,जीव दया, हवन,पाहळ, कैरियर गाइडेन्स,शिक्षा का महत्व, खेलकूद आदि विषयों की आज के संदर्भ में आवश्यकता को लेकर पूरे भारत वर्ष में आयोजित जाम्भाणी संस्कार शिविरों हरियाणा,पंजाब,मध्यप्रदेश के साथ राजस्थान के अलग अलग जिलों में आयोजन के पश्चात आखिरी शिविर का आयोजन जाम्भाणी साहित्य अकादमी बीकानेर,जय नारायण व्यास कॉलोनी स्थित भवन में दिनांक 19 जून से 23 जून तक आयोजित होने जा रहा हैं जिसमें बच्चो को गुरु जाम्भोजी के जीवन दर्शन,जाम्भाणी संस्कार,शब्दवाणी,जाम्भाणी इतिहासकार,जाम्भाणी संगीत,हरजस सहित पर्यावरण संरक्षण,नैतिक मूल्य,व्यक्तित्व विकास,नशे के दुष्परिणाम,समाज मे शिक्षा की आवश्यकता,खेलकूद,स्वास्थ्य शिक्षा आदि विषयों को अलग अलग सत्रों में पूरे भारत वर्ष के विभिन्न विषय विशेषग्यो व्याख्यानवित करवाया जाएगा।
शिविर में सम्मिलित होने वाले बच्चो को बैग, टी शर्ट,टोपी,साहित्य,भोजन आदि की व्यवस्था भामाशाहो द्वारा की जाएगी।
अकादमी महासचिव विनोद जम्भदास ने बताया कि इस शिविर के माध्यम से बच्चो में संस्कारो का बीजारोपण का कार्य पिछले दस वर्षों से अकादमी करती आई हैं।
शिविर संयोजक तथा वरिष्ठ भामाशाह राजाराम धारणिया ने बताया कि वर्तमान माहौल को देखते हुए संस्कार शिविरो का आयोजन बहुत आवश्यक हैं, शिविर प्रभारी डॉ हरिराम बिश्नोई ने बताया कि इस शिविर में लगभग सवा दो सौ बच्चो का रजिस्ट्रेशन हो चुका है शिविर की तैयारियों को लेकर पूरी अकादमी टीम सक्रिय है शिविर के उद्घाटन समारोह में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ओमप्रकाश बिश्नोई, राज्य अभिलेखागार निदेशक नितिन गोयल आदि उपस्थित रहेंगे।

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Prakash Samsukha

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