
बीकानेर, 30 जून। राष्ट्रीय जीनगर समाजसेवक संघ, जीनगर ज्योति राष्ट्रीय मंच व जीनगर समाज द्वारा शहीद बीरबल सिंह जीनगर के शहादत दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीकानेर (पश्चिम) विधायक जेठानंद व्यास थे। उन्होंने कहा कि मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वालों के प्रति सदैव कृतज्ञ रहना चाहिए और युवा पीढ़ी को ऐसे शहीदों की गाथाओं से रूबरू करवाना चाहिए। उन्होंने ऐसे वीर शहीदों की गाथा को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात कही और कहा कि इन असंख्य देशभक्तों के बलिदान के कारण हमें आजादी मिली।
मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए राजकीय डूंगर महाविद्यालय के हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अन्नाराम शर्मा ने आजादी की लड़ाई में बीरबल सिंह के योगदान के बारे में बताया और कहा कि उनकी शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि वैद्य मघाराम, रघुवर दयाल गोइल, सत्यनारायण पारीक आदि के मार्गदर्शन में रायसिंहनगर अधिवेशन आयोजित किया गया। यहां शहीद बीरबल सिंह को सीने व जांघ पर गोली लगी और शहीद हुए। आजाद हिंद फौज के कर्नल अमरसिंह के नेतृत्व में 1 जुलाई 1946 को उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई।
सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता जसवंत खत्री ने कहा कि शहीद बीरबल सिंह ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहूति दी। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व हमारे लिए प्रेरणा का केंद्र है। उन्होंने कहा कि ऐसे देश भक्तों के आदर्शों का अनुसरण करते हुए देश के प्रति निष्ठा रखनी चाहिए और देश हित में कुछ करने की इच्छा शक्ति प्रत्येक नागरिक में होनी चाहिए।
संघ कार्यवाह अशोक आसेरी ने राष्ट्रीय जीनगर समाजसेवक संघ सम्पत्ति निर्माण की बजाय व्यक्ति निर्माण करने पर विश्वास रखता है। संघ द्वारा पिछले तीस वर्षों से ऐसी गतिविधियां सतत रूप से आयोजित की जा रही हैं।
कार्यक्रम संयोजक नारायण दास आसेरी ने बताया कि इस दौरान मोनिका गहलोत ने शहीद बीरबल सिंह पर रची गई कविता सुनाई। जयकिशन मुलू राठौड़ ने एकल गीत का पाठ किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी किशन लाल खत्री ने की। राष्ट्रीय जीनगर समाज सेवक संघ की सामाजिक सक्रियता की सराहना की और भविष्य में भी ऐसी गतिविधियां सतत रूप से आयोजित करने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय जीनगर समाजसेवक संघ के संघ प्रमुख गोमाराम देवड़ा ने शहीद बीरबल सिंह की प्रतिमा लगाने की मांग की और आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन शिव कुमार मुलू ने किया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने शहीद प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।














