
बीकानेर, 6 जुलाई। आचार्यश्री जिन पीयूष सागर सूरिश्वरजी, बीकानेर के मुनि सम्यक रत्न सागर आदिठाणा, साध्वीश्री चिद्ध्यशा आदि ठाणा के सान्निध्य में शनिवार को नाल गांव में दादाबाड़ी के पास स्थित भगवान मुनिव्रत स्वामी के प्राचीन मंदिर में स्नात्र पूजा व 18 अभिषेक किया गया। भगवान मुनिव्रत स्वामी व दो अन्य तीर्थंकरों की प्रतिमाओं को रविवार को आचार्यश्री, मुनि व साध्वीवंद के सान्निध्य में प्राचीन मंदिर से नूतन मंदिर में प्रतिष्ठित किया जाएगा।
श्री जैन श्वेताम्बर ओसवाल श्री संघ खरतरगच्छ ट्रस्ट के अध्यक्ष रतन लाल नाहटा ने बताया कि आचार्यश्री के सान्निध्य में शिखरबंद जिनालय तीर्थंकर भगवान मुनि सुव्रत स्वामी के महामंगलकारी गर्भगृह प्रवेश के कार्यक्रम रविवार को सुबह 5.54 बजे शुक्र उत्सव, स्नात्र पूजा से शुरू होंगे। सुबह 6.36 बजे नवग्रह, दशदिग्पाल, अष्ट मंगल, क्षेत्रपाल सहित अधिष्ठायक व सह-देवी देवताओं का पूजन, सुबह पौने नौ बजे गर्भगृह प्रवेश विधान प्रारंभ होगा। श्रावक-श्राविकाओं के लिए नवकारसी व स्वामी वात्सल्य तथा रांगड़ी चौक से नाल तक ले जाने व लाने की व्यवस्था रहेगी।
उन्होंने बताया कि नये मंदिर का निर्माण कार्य धरमपुर गुजरात के श्रीमद् राजचंद्र मिशन के संस्थापक गुरुदेवश्री राकेश भाई जवेरी की प्रेरणा व सहयोग मंदिर का निर्माण सुश्रावक पुरखचंद, धनराज, दीपचंद डागा परिवार के वीरमती देवी धर्म पत्नी स्वर्गीय भंवर लालजी डागा परिवार के बीकानेर निवासी मुंबई प्रवासी अभय डागा-साधना देवी डागा परिवार ने करवाया है।
रविवार को हुए 18 अभिषेक में आचार्यश्री जिन पीयूष सागर सूरीश्वरजी ने स्वयं मंत्रोच्चारण किया तथा भजन ग।ए। अभिषेक व पूजा में मंदिर का निर्माण करवाने वाले अभय व साधना डागा, श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष निर्मल धारीवाल, मनोज सेठिया, रतन लाल नाहटा, वरिष्ठ चार्टेंट एकाउंटेंट राजेन्द्र लूणिया, सिद्धकरण डागा, महावीर डागा,डॉ.जी.डी.पीति, महेन्द्र बोथरा, अनिल बांठिया, विनोद नाहटा आदि ने हिस्सा लिया।
मंदिर का निर्माण शिवबाड़ी के गंगेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर सहित देश विदेश में अनेक स्थानों पर जैन मंदिरों का निर्माण करवाने वाले अहमदाबाद के पुरोहित कमलेश भाई सोमपुरा की देखरेख में जैन वास्तुकला के अनुसार मकराना के सफेद संगमरमर से बनाया गया है। कमलेश भाई ने बताया कि भूतल से 41 फीट ऊंचे मंदिर में डेढ़ नम्बर का मारबल उपयोग किया गया है। तीन पंच शाख,दरवाजों के मंदिर की परिक्रमा में दर्शनीय मंगल मूर्तियों, मुख्य गर्भगृह में तीर्थंकरों की प्राचीन दो प्रतिमाओं के साथ कसौटी के मूलनायक काले पत्थर की मुनिव्रत स्वामी की प्रतिमा परिकर सहित स्थापित की जाएगी। गर्भगृह के आगे अधिष्ठायक देवों की प्रतिमाएं स्थापित होगी। रंग मंडप अष्टपेल यानि कोनों का है। तीन सांभरण पिरामिड नुमा है। तीनों द्वारों के ऊपर गुमटियां, बाहर चौकी बनाई गई है। धोलपुर के कारीगर रमाकांत की टीम ने स्थानीय कारीगरों के सहयोग से मकराना पत्थरों को स्थापित करने का कार्य किया है।
जैन श्वेताम्बर तपागच्छ के मुनिवृंद का प्रवेश आज
बीकानेर, 6 जुलाई। गच्छाधिपतिश्री, जैनाचार्य श्रीमद् विजय नित्यानंद सूरीश्वरजी के आज्ञानुवर्ती, जैन श्वेताम्बर तपागच्छ के मुनि श्वेतानंद व पुष्पेन्द्र विजय म.सा. का चातुर्मासिक प्रवेश रविवार को कोचरों की दादाबाड़ी से रांगड़ी चौक की तपागच्छीय पौषधशाला तक जिनालयों में चौत्यवंदन दर्शन करते हुए गाजे बाजे से होगा। मुनिवृंद के चातुर्मास प्रवेश के कार्यक्रम को गुरुवार को चातुर्मास व्यवस्था कमेटी के सदस्य शांति लाल कोचर ंने बताया कि मुनिश्री शनिवार को बीछवाल से कोचरों की दादाबाड़ी पहुंचे। दादाबाड़ी में जयकारों के साथ चातुर्मास कमेटी के सदस्यों व अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने जयकारों से उनकी वंदना की। मुनिवृंद की चातुर्मासिक प्रवेश शोभायात्रा कोचरों की दादाबाड़ी से रवाना होकर बड़ा बाजार, बैदों का महावीरजी मंदिर बांठिया चौक, आसानियों का चौक पदम प्रभु के मंदिर के आगे से होते हुए रांगड़ी चौक के तपागच्छीय उपासरे में पहुंचकर संपन्न होगी। गाजे-बाजे से निकलने वाली शोभायात्रा के रांगड़ी चौक की पौषधशाला मेंं पहुंचने पर सुबह साढ़े दस बजे धर्मसभा होगी।
चातुर्मास व्यवस्था कमेटी के जैन श्वेताम्बर तपागच्छ पद्म प्रभु मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष लीलम सिपानी, सुरेन्द्र बद्धानी, शांति लाल सेठिया, शांतिलाल भंसाली व शांतिलाल कोचर के सान्निध्य में अजय बैद, कविन्द्र कोचर, (अशोक कोचर हैकड़ी) के नेतृत्व में मुनिवृंद के प्रवेश मार्ग पर अनेक स्थानों पर होर्डिग्स, बैनर लगवाए गए तथा स्वागत द्वार बनाए गए तथा अधिकाधिक संख्या में मुनिवृंद के प्रवेश में भागीदारी निभाकर धर्म लाभ लेने का आग्रह श्रावक-श्राविकाओं को किया गया।
शिवबाड़ी के गंगेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर में
सामूहिक स्नात्र महोत्सव, पंच कल्याणक पूजा आज
बीकानेर, 6 जुलाई। शिवबाड़ी के गंगेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर मेंं रविवार को सुबह सात बजे सामूहिक स्नात्र महोत्सव व साढ़े दस बजे भगवानश्री गंगेश्वर पार्श्वनाथ पंच कल्याणक पूजा, उसके बाद प्रसाद का आयोजन होगा।
जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ युवा परिषद से सम्बद्ध ज्ञान वाटिका के बालक-बालिकाएं श्रीमती सुनीता नाहटा, रविवारीय जिनालय दर्शन वंदन व स्नात्र पूजा अभियान के समन्वयक पवनजी खजांची व ज्ञानजी सेठिया के नेतृत्व में की जाएगी। पूजा का लाभ सुश्रावक सुन्दरलाल, सुश्राविका भंवरी देवी,सुन्दर देवी सेठी परिवार के मूलचंद मंजू देवी, हस्तीमल, प्रदीप कुमार-इंदू देवी सेठी परिवार ने लिया है। श्रावक-श्राविकाओं को शिवबाड़ी के गंगेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर तक ले जाने के लिए रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज के उपासरे के पास से वाहन की व्यवस्था की गई है।
सिलियक व गेहूं और जौ की एलर्जी पर
शिविर आज
बीकानेर, 6 जुलाई। जस्सूसर गेट के बाहर डॉ.श्याम अग्रवाल चिल्ड्रन अस्पताल में रविवार को सुबह नौ बजे से दोपहर बारह बजे तक सिलियक, गेहूं व जौ की बीमारी के संबंध में जागरूकता, चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन किया जाएगा।
शिविर संयोजक बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.श्याम अग्रवाल ने बताया कि शिविर में इंपीरियल अस्पताल जयपुर के ख्यातनाम बच्चों के पेट आंत व लीवर रोग के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ.मोहित बोहरा सेवाएं देंगे।














