Bikaner Live

दुर्गा माता मंदिर में ’’नानी बाई के मायरे’’ की संगीतमय
कथा में भक्ति से सराबोर श्रद्धालु थिरके


बीकानेर। जस्सूसर गेट के बाहर अमर मार्ग पर स्थित दुर्गामाता के मंदिर के स्थापना दिवस पर आयोजित तीन दिवसीय ’’ नानी बाई के मायरे’’ की संगीत मय कथा रविवार को सत्संग, भजन व आरती के बाद संपन्न हुई।
  जोधपुर के सूरसागर स्थित बड़ा उपासरा के श्री 108 परमहंस महंत डॉ.रामप्रसाद महाराज व उनके साथ की महात्माओं की टोली ने कथा के दौरान प्रसंगानुसार भजन गाकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति में सराबोर कर साथ गाने व नाचने के लिए विवश कर दिया। अनेक श्रद्धालुओं ने श्री कृष्ण भक्ति व पारम्परिक विवाह के गीतों के साथ जमकर नृत्य कर भक्ति का आनंद लिया।
महंत डॉ.रामप्रसाद महाराज व उनकी टीम ने ’’ भक्त वत्सल प्रभु सारे सब काज, नानी बाई रे मायरे की ठाकुर जी ने लाज’’, ’’सांवरिया थारी काई मनुहार करां’’, ’’आनंद घणा,नरसी भक्त आनंद घणा’, ’’ बीरा भात भरण ने आइजो’’, ’’सहेलियां म्हारे मोहन वीरो आयो’’ ’’नानी बाई रे मायरे री ठाकुरजी ने लाज’’,  आदि लोक भजन व गीत के माध्यम से कहा कि परमात्मा की शरणागति रखने से वे भक्त की लाज रखते है।
समाज सेवी व बाबा रामदेव के भक्त रामदेव अग्रवाल, मधुसुदन अग्रवाल व श्रीमती सरला अग्रवाल, संगीता अग्रवाल, अनिरु़द्ध, सरिता मोहता, आकांक्षा, उमा मोहता, किशन गहलोत, वरिष्ठ रंगकर्मी कोमेडियन किसन रंगा व राम गोपाल अग्रवाल, गणेश सहदेव सोनी ने कथा वाचक डॉ.राम प्रताप महाराज का स्वागत किया। कथावाचक जोधपुर के सूरसागर स्थित बड़ा उपासरा के श्री 108 परमहंस महंत डॉ.रामप्रसाद महाराज ने वरिष्ठ मीडियाकर्मी शिव कुमार सोनी का भी शॉल ओढ़ाकर सम्मान किय और सुप्रसिद्ध बाबारामदेवजी की कथा वाचक रामदेवरा के मूल योगीराज महाराज का अभिनंदन किया।

Picture of Gordhan Soni

Gordhan Soni

खबर

http://

Related Post

error: Content is protected !!