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संजीवनी बूटी साबित हो रहा जोधपुर का एम्स असप्ताल
गंभीर मरीजों के लिए जीवनदायिनी बनी चिकित्सा सुविधा
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राजस्थान के पश्चिमी भाग में स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स), आंधपुर, चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया आयाम स्थापित कर रहा है। यह अस्पताल न केवल जोधपुर बल्कि बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, श्रीगंगानगर, चूरू, नागौर जैसे दूर-दराज के जिलों के मरीजों के लिए संजीवनी बूटी साबित हो रहा है। यहां के विशेषज्ञ डॉक्टर, अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक और समर्पित स्वास्थ्य सेवा मरीजों को नया जीवन देने में मदद कर रही है।

# राजस्थान के लाखों मरीजों को राहत**

एम्स जोधपुर में हर साल हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं। यहां का अत्याधुनिक इमरजेंसीवाई, सुपर स्पेशलिटी डिपार्टमेंट, न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और ट्रॉमा सेंटर राजस्थान के मरीजों के लिए किसी बड़े आशीर्वाद से कम नहीं हैं। अन्य सरकारी अस्पतालों की तुलना में यहां न केवल बेहतर इलाज मिलता है, बल्कि गंभीर बीमारियों के लिए भी विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध है।

बीकानेर लाइव का अनुभव मरीज को नया जीवन

हाल ही में बीकानेर लाइव की टीम ने जोधपुर एम्स की चिकित्सा सेवा का प्रत्यक्ष अनुभव किया। श्रीडूंगरगढ़ निवासी धनश्याम, जो पेट दर्द से अत्यधिक पीड़ित थे, उन्हें बीकानेर के पीबीएम अस्पताल की सुपर स्पेशलिटी में दिखाया गया।

बीकानेर पीबीएम से जोधपुर एम्स तक का सफर

बीकानेर पीबीएम में डॉक्टर आशीष जोशी ने मरीज की जांच करने के बाद उसे भर्ती करने की सलाह दी। डॉक्टर **विनीता चौधरी ने घनश्याम को तुरंत जांच करवाने को कहा और डॉक्टर हरीश मिल ने आवश्यक परीक्षण शुरू किए। जांचों के आधार पर डॉक्टरों ने परिजनों की सलाह दी कि ऑपरेशन जल्द से जल्द किया जाना चाहिए।

परिवारजन पहले प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाने पर विचार कर रहे थे, लेकिन डॉक्टर विनीता चौधरी ने सुझाव दिया कि यह एक जटिल ऑपरेशन होगा और प्राइवेट अस्पताल की बजाय एम्स जोधपुर में इलाज करवाना अधिका सुरक्षित और प्रभावी रहेगा।

रात को करीब 4 बजे, परिवारजन मरीज को लेकर एम्स जोधपुर पहुंचे।

एम्स जोधपुर में त्वरित इलाज और देखभाल

जोधपुर एम्स की इमरजेंसी कैजुअल्टी में पहुंचते ही डॉक्टरों ने तुरंत मरीज की जांच शुरू की। उन्होंने बीकानेर के डॉक्टरों द्वारा कराई गई जांच रिपोर्ट देखी और तुरंत आवश्यक दवाएं देकर उपचार शुरू किया।

इसके बाद रेजिडेंट डॉक्टर मुना और महेश ने मरीज की स्थिति को गंभीर मानते हुए सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और लीवर ट्रांसप्लांट विभाग के प्रोफेसर और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सुभाष सोनी से चर्चा की। डॉ सोनी ने पूरी रिपोर्ट का अध्ययन किया और तत्काल ऑपरेशन की जरूरत बताई।

ऑपरेशन की तैयारियां और सफलता

सुबह 6 बजे डॉक्टरों ने घनश्याम की रिपोर्ट की दोबारा जांच की और जरूरी परीक्षण किए।

सुबह 9 बजे डॉसुभाष सोनी ने सभी रिपोर्टस को चेक किया और ऑपरेशन के लिए तैयारी शुरू करvदी।

“दोपहर 1 बजे सभी मेडिकल रिपोर्टस आ चुकी थी और डॉक्टरों ने ऑपरेशन को हरी डांडी दे दी।

शाम 4 बजे मरीज को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया।

**रात 10 बजे ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हुआ और मरीज को वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया गया।

इस ऑपरेशन की जटिलता और डॉक्टरों की मेहनत

ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि मरीज की आंतें खराब हो चुकी थीं, जिन्हें निकालना पड़ा। जब परिवारजनों ने ऑपरेशन के बाद खराब आंतों को देखा, तो भावुक  हो गाए लेकिन डॉक्टर सोनी ने उन्हें दिलासा दिया कि घनश्याम को अब नया जीवन मिल चुका है।

डॉ सुभाष सोनी ने कहा कि ऑपरेशन का यह एक जटिल और जोखिम भरा था, और ऑपरेशन में डॉ. साईकृष्णा और डॉ. मुना ने सहयोग किया।

**बीकानेर लाइव की टीम भी इस दौरान डॉक्टरों के संपर्क में थी और व्यस्तता के बावजूद डॉक्टरों ने हर कॉल का जवाब दिया, जिससे उनकी सेवा भावना का प्रमाण मिलता है। इस प्रकार के ऑपरेशन भारत में केवल सीमित केंद्रों में ही संभव है, और एम्स में निशुल्क किया गया।

#मरीज की स्थिति और एम्स जोधपुर की उत्कुष्ट सेवा

ऑपरेशन के बाद मरीज को वॉर्ड में शिफ्ट किया गया और डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि धनश्याम जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगा। हालांकि, उन्हें पूरी तरह ठीक होने में कुछ समय लगेगा, लेकिन अस्पताल में उन्हें हसांभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

एम्स जोधपुर चिकित्सा क्षेत्र में एक नई क्रांति

एम्स जोधपुर अपनी बेहतरीन सुविधाओं, अनुभवी डॉक्टरों और त्वरित चिकित्सा सेवाओं के कारण राजस्थान के मरीजों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन गया है। इस अस्पताल ने न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत में अपनी उत्कृष्ट सेवाओं से पहचान बनाई है।

एम्स जोधपुर अपनी बेहतरीन सुविधाओं, अनुभवी डॉक्टरों और त्वरित चिकित्सा सेवाओं के कारण राजस्थान के मरीजों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन गया है। इस अस्पताल ने न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत में अपनी उत्कृष्ट सेवाओं से पहचान बनाई है।

**यह घटना यह साबित करती है कि एम्स जोधपुर केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि एक जीवनदायिनी संस्था है, जहां हर मरीज को नया जीवन देने के लिए डॉक्टर हर संभव प्रयास करते हैं।”

बीकानेर लाइन की ओर से आभार

बीकानेर लाइव डॉ सुभाष सोनी, डॉ डॉ. साई कृष्णा और डॉ मुना, डॉ महेश और एग्स जोधपुर के समस्त मेडिकल स्टाफ का हार्दिक आभार व्यक्त करता है। उन्होंने अपनी व्यस्तता के बावजूद जिस समर्पण औरतत्परता से मरीज की सेवा की, वह सनाहनीय है।

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Gordhan Soni

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