राजस्थान के सबसे पुराने रेडियो स्टेशनों में से एक तकनीकी लापरवाही का शिकार, श्रोताओं में गहरी नाराज़गी
बीकानेर, राजस्थान –
राजस्थान के प्रमुख और ऐतिहासिक रेडियो स्टेशनों में शुमार आकाशवाणी बीकानेर, जो पिछले 30 वर्षों से सार्वजनिक प्रसारण सेवाएं दे रहा है, इन दिनों गहरी बदहाली से गुजर रहा है। एफएम बैंड 101.6 मेगाहर्ट्ज़ पर प्रसारित होने वाला यह स्टेशन पिछले कुछ महीनों से तकनीकी गड़बड़ियों, संचालन में लापरवाही और अधिकारियों की उदासीनता के कारण अपनी सेवाएं लगभग बंद कर चुका है।
श्रोताओं की शिकायत है कि अब स्टेशन का प्रसारण क्षेत्र महज़ कुछ किलोमीटर तक ही सीमित रह गया है, जिससे हजारों ग्रामीण श्रोता इसकी पहुँच से बाहर हो गए हैं। कई लोगों ने इसकी शिकायतें संबंधित अधिकारियों से की हैं, लेकिन किसी प्रकार की गंभीर पहल नहीं की गई।
स्थानीय निवासी रमेश कुमार, जो एक किसान हैं, ने बताया, “हम आकाशवाणी बीकानेर से खेती-बाड़ी, मौसम और सरकारी योजनाओं की जानकारी पाते थे। अब तो आस-पास के गाँवों में भी इसकी आवाज़ साफ़ नहीं आती।”
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी स्वयं मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से ऑल इंडिया रेडियो के जरिए देश के लोगों से संवाद करते हैं और रेडियो की पहुँच व विश्वसनीयता को बार-बार सराहते हैं। ऐसे में आकाशवाणी जैसे स्थानीय केंद्रों की बिगड़ती हालत न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह संचार के एक मजबूत माध्यम को कमजोर करने जैसा है।
रेडियो आज भी ग्रामीण और दूर-दराज़ के क्षेत्रों में जानकारी पहुँचाने का सबसे सशक्त और सुलभ माध्यम है, जहाँ डिजिटल सुविधाएं सीमित हैं। ऐसे में आकाशवाणी बीकानेर की गिरती स्थिति पर सवाल उठना लाज़मी है।
स्थानीय लोगों, पूर्व कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और प्रसार भारती से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है ताकि स्टेशन की सेवाएं पुनः सामान्य की जा सकें और इसका गौरवपूर्ण इतिहास बरकरार रखा जा सके।
स्टेशन अधिकारियों से संपर्क करने पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
जन अपील:
श्रोता और नागरिक प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि आकाशवाणी बीकानेर की सेवाओं को शीघ्र बहाल किया जाए और सार्वजनिक प्रसारण माध्यमों की गरिमा व विश्वसनीयता को बनाए रखा जाए।













