
आचार्य तुलसी शान्ति प्रतिष्ठान के तत्वावधान में ’अमृतम्’ शीतल जल मन्दिर का लोकार्पण
बीकानेर 08 जून। आचार्य तुलसी के 29वें महाप्रयाण दिवस के सप्तदिवसीय आयोजनों की श्रृंखला में आज पी.बी.एम. अस्पताल के आचार्य तुलसी कैंसर चिकित्सा विभाग के प्रेक्षा कॉटेज परिसर में ’अमृतम्’ शीतल जल मन्दिर का लोकार्पण किया गया। आचार्य तुलसी शान्ति प्रतिष्ठान के मंत्री दीपक आंचलिया ने बताया कि जल मन्दिर का लोकार्पण कोलकाता से समागत गंगाशहर नागरिक परिषद् के अध्यक्ष श्री प्रदीप चौपड़ा के साथ ही अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुरेन्द्र वर्मा एवं आचार्य तुलसी रीजनल कैंसर चिकित्सा एवं अनुसंधान केन्द्र की निदेशक डॉ. नीति शर्मा के कर कमलों से किया गया।

प्रतिष्ठान के अध्यक्ष गणेश बोथरा ने बताया कि आचार्य तुलसी शान्ति प्रतिष्ठान के तत्वावधान में इस जल मन्दिर का निर्माण मोटाराम सूरजमल दूगड़ परिवार, गंगाशहर के सौजन्य से किया गया है। ईशवरचन्द दूगड़ ने बताया कि जल मन्दिर में शीतल जल के प्लांट के साथ ही वाटर प्यूरिफायर भी लगवाया गया है। साथ ही जल मन्दिर के सामने शेड भी बनवाया गया है। राजकुमार दूगड़ ने आशा व्यक्त की कि अस्पताल के इस परिसर में शुद्ध एवं शीतल जल की व्यवस्था होने से रोगियों व परिजनों के साथ ही सभी व्यक्तियों को भीषण गर्मी में राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि पेयजल की व्यवस्था के साथ ही स्वच्छता की दृष्टि से बर्तन आदि धोने के लिए अलग से व्यवस्था उपलब्ध करवाई गई है। जतनलाल दूगड़ ने आचार्य श्री तुलसी के प्रति श्रद्धाभिव्यक्ति करते हुए परिवार के पूज्य श्री मोटाराम जी को भी नमन किया। दूगड़ ने बताया कि आज श्री मोटाराम जी की पुण्यतिथि के 101 वर्ष हो चुके हैं। इस अवसर पर प्रतिष्ठान के निवर्तमान अध्यक्ष हंसराज डागा, उपाध्यक्ष किशन बैद, कोषाध्यक्ष भैरूंदान सेठिया, विमल चौरड़िया, प्रमुख उद्योगपति कन्हैयालाल बोथरा, मेघराज बोथरा, जैन महासभा के अध्यक्ष विनोद बाफना, गंगाशहर नागरिक परिषद् के उपाध्यक्ष सुशील चौपड़ा, विनोद सुराना, कनक चौपड़ा, सम्पतलाल दूगड़, महेन्द्र चौपड़ा, बच्छराज रांका, जतन नौलखा, अणुव्रत समिति के मंत्री मनीष बाफना, पूर्व प्राचार्य सुरजाराम राजपुरोहित आदि अनेक गणमान्य व्यक्ति, चिकित्सक, नर्सिंगकर्मी व अस्पताल की व्यवस्थाओं से जुड़े सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर पर आचार्य तुलसी शान्ति प्रतिष्ठान द्वारा श्री प्रदीप जी चौपड़ा, श्री सुशील चौपड़ा के साथ ही डॉ. सुरेन्द्र वर्मा एवं डॉ. नीति शर्मा का पताका पहना कर एवं साहित्य भेंट कर स्वागत किया गया।













