बीकानेर।
राज रंगा समाज में अब अध्यक्ष पद का चयन चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय समाज के प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में हुई एक सामाजिक बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक का आयोजन पूर्व ट्रस्ट सलाहकार मंगलचंद रंगा की अध्यक्षता में उनके निवास पर किया गया, जिसका प्रमुख विषय “सामाजिक समानता एवं सद्भावना” रहा।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने सामाजिक एकता, पारदर्शिता एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए यह निर्णय लिया कि अब ट्रस्ट का अध्यक्ष निर्वाचित होकर समाज का प्रतिनिधित्व करेगा, जिससे समाज में पारदर्शिता और सहभागिता को बल मिलेगा।
पूर्व अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने रखे अपने विचार
पूर्व अध्यक्ष बद्री नारायण रंगा ने जानकारी दी कि वर्तमान अध्यक्ष इन्द्रजीत रंगा को समाजसेवी स्व. भंवरलाल रंगा ‘मास्टर जी’ की आज्ञा से अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, जिसे समाज ने एक वर्ष पूर्व सर्वसम्मति से स्वीकार किया। यह नियुक्ति समाज की मर्यादा और परंपराओं के अनुरूप हुई थी।
पूर्व सचिव शक्ति रतन रंगा ने कहा कि भंवर भा. की आज्ञा को समाज ने संस्कार मानकर स्वीकार किया और इन्द्रजीत रंगा को एक वर्ष के लिए अध्यक्ष पद सौंपा गया। हालांकि ट्रस्ट के संविधान में अध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्षों का निर्धारित है, परंतु इस विशेष परिस्थिति में अपवादस्वरूप एक वर्ष की अध्यक्षता को मान्यता दी गई।
युवा नेतृत्व और लोकतांत्रिक प्रणाली की पैरवी
अधिवक्ता धर्मेन्द्र रंगा ने समाज को अन्य समाजों से सीख लेने की सलाह देते हुए कहा कि हमें भी न्यायपूर्ण चुनावी प्रणाली को अपनाना चाहिए, जिससे विकासोन्मुख योजनाएं सशक्त तरीके से क्रियान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और पारदर्शिता से समाज की जड़ें मजबूत होती हैं।
नारायण दास रंगा “शेरे” ने सुझाव दिया कि चूंकि वर्तमान अध्यक्ष का कार्यकाल अगस्त 2025 में पूर्ण हो रहा है, इसलिए उन्हें समाजहित में शीघ्र ही बगेची परिसर में एक बैठक आयोजित कर, स्वेच्छा से त्यागपत्र सौंपना चाहिए ताकि समयबद्ध रूप से चुनावी प्रक्रिया शुरू की जा सके।
सर्वजन सहभागिता और मतदान अधिकार की मांग
राज रंगा समाज के प्रथम अध्यक्ष ऋषिकुमार रंगा ने प्रस्ताव दिया कि समाज के पूर्व 42 सदस्य यथावत रहते हुए, हर 18 वर्ष से ऊपर के युवा को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि “सबका साथ, समाज का विकास” का मूलमंत्र अपनाते हुए समाज को खुले विचारों के साथ सुझाव आमंत्रित करने चाहिए। इसके लिए रत्नेश्वर बगेची परिसर में बैठकें रखी जा सकती हैं।


बैठक में इन प्रमुखों की रही उपस्थिति
बैठक में मंगलचंद रंगा, शक्ति रतन रंगा, अश्विनी कुमार रंगा, नारायण दास “शेरे”, बद्री नारायण रंगा, विष्णु दत्त रंगा, नंदकिशोर रंगा, राजकुमार रंगा “राजू”, धर्मेन्द्र रंगा, रंगा राजस्थानी राहुल सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त ज्योति प्रकाश रंगा, दीपक रंगा, आनंद प्रकाश “बंटी”, दाऊ दयाल रंगा, गोपालदास रंगा “रंगाश्री”, सुरेन्द्र रंगा आदि ने PFC प्लेटफ़ॉर्म पर अपनी सहमति दर्ज करवाई।













