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उदयरामसर दादाबाड़ी में भक्ति संगीत संध्या 6
दादा गुरुदेव जिनदत्त सूरी की पूजा व मेला 7 को

बीकानेर, 2 सितम्बर। श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के तत्वावधान में सकल श्रीसंघ के सहयोग उदयरामसर की करीब पौने तीन सौ साल  प्राचीन दादा गुरुदेव जिन दत्त सूरी की दादाबाड़ी में 6 सितम्बर को भक्ति संगीत संध्या तथा 7 सितम्बर को दादा गुरुदेव की बड़ी पूजा व प्रसाद तथा मेले का आयोजन होगा।
श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष हरीश नाहटा ने बताया कि भक्ति संगीत संध्या, पूजा, प्रसाद व मेले का आयोजन जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ के गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर, मुनि मंथन प्रभ सागर, मीत प्रभ सागर, बीकानेर की साध्वी दीपमालाश्रीजी व शंखनिधि श्रीजी के सान्निध्य में होगा। मेले की तैयारियां परवान पर है। प्रन्यास के सदस्य जैन धर्मावलम्बियों के घर-घर जाकर संपर्क कर रहे है। मेले में जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ, तपागच्छ, पार्श्वचन्द्र गच्छ, तेरापंथ, साधुमार्गी संघ, शांत क्रांति संघ के श्रावक-श्राविकाएं हिस्सा लेंगे। अनेक श्रद्धालु ऊंट गाड़ों, पैदल व विभिन्न वाहनों से भक्ति संगीत संध्या व मेले में पहुंचेंगे।
विभिन्न जिनालयों में जीर्णोंद्धार व मरम्मत कार्य
श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष हरीश नाहटा ने बताया कि उदयरामसर दादाबाड़ी सहित विभिन्न जिनालयों में जीर्णोंद्धार व मरम्मत कार्य करवाए गए है। उदयरामसर दादाबाड़ी के गुम्बज की चित्रकारी को नयापन रूप् दिया है वहीं वासुपुज्य स्वामी के मंदिर में सिढ़िया लगवाई गई है। उन्होंने बताया कि उदासर के भगवान सुपार्श्वनाथ मंदिर, रांगड़ी चौक की बोहरों की सेहरी के भगवान महावीर स्वामी मंदिर, भगवान कुंन्थुनाथजी मदिर, बच्छावतों के चौक के भगवान वासुपुज्य स्वामी, ें रंग रोगन, ध्वजा के लिए सिढ़ियां लगवाई गई है तथा मरम्मत करवाई गई है। डागा, सेठिया व पारख मोहल्ले के महावीर भवन में रंग रोगन करवाया गया है। भारत सरकार की ओर से राष्ट्रीय धरोहर के रूप् में संरक्षित  भांडाशाह मंदिर में दीवार बनाई गई ंहै तथा पुरातत्व विभाग की अनुमति के बाद अन्य कार्य करवाएं जाएंगे।

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Gordhan Soni

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