
बीकानेर। रविवार को राष्ट्रीय कवि चौपाल 532 वीं कड़ी, शिक्षक दिवस, मुहम्मद पैगम्बर साहब व श्राद्ध पक्ष को समर्पित रही। सरदार अली परिहार देवकीनन्दन शर्मा, घनश्याम सोलंकी मंच शोभित हुए।
कार्यक्रम शुभारंभ करते हुए रामेश्वर साधक ने बोधिक में कहा कि आचरणीय अध्ययन अध्यापन ही जीवन को सुरभित करता है मुक्ति का हेतु भी कार्यक्रम अध्यक्ष सरदार अली परिहार ने काव्य माध्यम से मोहम्मद पैगम्बर को खुदा का अवतरण बताया ।
देवकीनन्दन शर्मा ने मानव शरीर में तुलसी की महत्ता बताई इससे पूर्व कृष्णा वर्मा ने मां सरस्वती की आराधना भरी प्रार्थना की। डॉ कृष्ण लाल विश्नोई ने माता पिता और गुरु तीनों तीर्थ धाम मुक्ति का आधार है।
रविवार के कार्यक्रम में, 15 महानुभाव ने रचनाओं का लोकार्पण किया तथा घनश्याम सोलंकी, सुभाष विश्नोई, परमेश्वर सोनी, छोटू खां, महबूब अली, निसार, शिव दाधीच आदि कई साहित्य वृंद उपस्थित रहे, आज़ के कार्यक्रम का बड़े चुटिले अंदाज हास्य विनोद दृष्टांत के साथ बाबू बमचकरी ने किया।
( फोटो 0 1 राष्ट्रीय कवि चौपाल का दृश्य।)














