
जयपुर राजस्थान विधानसभा में पारित लैंड रेवेन्यू (संशोधन) बिल 2025 को लेकर लघु उद्योग भारती राजस्थान ने माननीय मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
इस ऐतिहासिक निर्णय से रीको को हस्तांतरित 37 औद्योगिक क्षेत्रों के हजारों उद्यमियों को वर्षों पुरानी समस्या से राहत मिलेगी। संशोधन के अनुसार 18 सितम्बर 1979 से पूर्व औद्योगिक प्रयोजनों हेतु आवंटित भूमि पर अब लैंड रेवेन्यू लागू नहीं होगा, जिनकी लीज़ सरकार द्वारा पूर्व में दी जा चुकी है या नवीनीकृत हो चुकी है।
इस दूरदर्शी कदम से औद्योगिक क्षेत्रों का संतुलित विकास होगा।
निवेश को नई गति मिलेगी तथा उद्यमियों की अनिश्चितता दूर होगी।
आने वाले समय में औद्योगिक इकाइयों में रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे।
साथ ही प्रदेश में CGWA बोर्ड का गठन भी उद्योग जगत के लिए बड़ा कदम है। इसके बनने से जल उपभोग संबंधी अनुमति और समस्याओं का समाधान प्रदेश स्तर पर ही त्वरित रूप से हो सकेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि उद्यमियों को व्यावहारिक समाधान भी शीघ्र उपलब्ध होंगे।
लघु उद्योग भारती का मानना है कि—
भूमि और जल से संबंधित इन दोनों निर्णयों से राजस्थान को एक निवेश-हितैषी राज्य के रूप में नई पहचान मिलेगी और यह प्रदेश के औद्योगिक विकास का मील का पत्थर सिद्ध होंगे।
इन दोनों उपलब्धियों के पीछे लघु उद्योग भारती के शीर्ष एवं प्रदेश नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
इसमें विशेष योगदान रहा—
• श्री प्रकाश चंद्र जी, अखिल भारतीय संगठन मंत्री
• श्री घनश्याम जी ओझा, अखिल भारतीय अध्यक्ष
• श्री ओमप्रकाश जी गुप्ता, राष्ट्रीय महा सचिव
• श्री शांतिलाल जी बलाड, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष
• श्री योगेंद्र जी शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष
• श्री सुधीर जी गर्ग, प्रदेश महा सचिव
इन सभी के मार्गदर्शन और प्रयासों से यह सफलता संभव हुई है। सम्पूर्ण लघु उद्योग भारती परिवार प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार को आत्मीय बधाई और साधुवाद प्रेषित करता है।














