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भागवत कथा का हुआ विराम(समापन)

आज सोमवार से प्रारंभ होगा श्रीरामचरित्र मानस रामायण पाठ*
नोखा/ यहां श्री कृष्ण मंदिर प्रांगण में सत्संग  समिति नोखा की ओर से श्राद्ध पक्ष में 15 से 21 सितंबर तक आयोजित सप्त दिवसीय संगीतमही श्रीमद् भागवत कथा सातवें दिन 21 सितंबर रविवार को संपन्न हो गई ।रविवार को व्यास पीठ पर विराजित श्रीराम आश्रम वृंदावन के संत गोपीराम महाराज ने अपनी अमृतमयी मधुर वाणी में द्वारका लीला सुदामा पूजन 24 गुरुओं की कथा एवं परीक्षित मोक्ष की कथा व सातों दिन की संक्षिप्त भागवत कथा का रसा स्वादानपान हजारों दर्शक श्रृद्धाओं को करवाते हुए उन्हें भाव विमोर कर दिया रुक्मिणी विवाह स्वयंवर के बाद की कथा में रुक्मणी को द्वारकापुरी लेकर आएं जहां सर्वत्तर आनंद ही आनंद छा गया भगवान द्वारकाधीश ने विधिवत्त ग्रस्था आश्रम स्वीकार किया ।महाराज ने दान का पुण्य बताते हुए मनुष्य को दान पुण्य करना चाहिए उन्होंने कहा किसी से लिया गया कर्ज वापस नहीं चुकाने पर उसे नर्क में जाना पड़ता है ।
कृष्ण सुदामा की कथा विस्तार से बताते हुए कहा कि सुदामा जी अपने गांव पहुंचे तो कुटिया की जगह विशाल सुंदर महल देखकर सोचने लगे कि कहीं में गलत जगह तो नहीं आ गया इतने में ही बाजे बजने लगे महाराज आ गए महाराज आ गए पत्नी सुशीला ने स्वर्ण दीप से सुदामा जी की आरती की।
सुखदेव जी कहते हैं कि है राजन भक्त और भगवान में ईश्वपर्दा चली सुदामा जी निष्काम भक्ति की परीक्षा देते रहे और प्रभु कठोरता से परीक्षा लेते रहे ।
परीक्षित मोक्ष,24 गुरुओं की कथा विस्तार से सुनाई
रविवार को रतनलाल मोदी और रामकिशन झवर दोनों सपत्नी मुख्य यजमान के रूप में कथा का रसपान किया ।
जगदीश प्रसाद मोदी,पहलाद मोहता, महावीर झवर व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे इन्होंने बताया कि सोमवार से इसी स्थान पर 22 से 30 सितंबर तक श्रीराम चरित्र मानस के सामूहिक नवार्णप्रहाण रामायण पाठ 2 पारियों में सुबह 8:00 बजे से 10
सायं 8:00 से 10  बजे होंगे ।

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Gordhan Soni

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