बीकानेर, 26 सितम्बर। रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज के उपासरे में शुक्रवार को गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर म.सा. ने चातुर्मासिक प्रवचन में कहा कि संसार का सारा खेल पाप व पुण्य का है। हमें पुण्य के उदय होने से सबसे उत्तम मन मिला है, जिसके सहारे हमें परमात्मा के गुणों, परमात्मा की वाणी के बारे में अनुप्रेक्षा कर सकते है, लेकिन जिन जीवों को मन नहीं मिला उन जीवों का पाप का उदय है।
उन्होंने कहा कि हमें पुण्य के उदय से बोलने की शक्ति मिली है, उसका सदुपयोग करना चाहिए। अगर हम इस जिव्हा के माध्यम से किसी की निंदा, चुगली करते है तो भावांतर में बोलने की शक्ति ही नहीं मिलेगी। इस जिव्हा के माध्यम से हमें सदैव सद विचार से कम, मीठा व धीरे बोलना चाहिए। आधिका धि क परमात्मा वाणी का श्रवण, चिंतन व मनन करते हुए धर्म कथा करनी चाहिए। इससे हमारे वचन पुण्य का उदय होगा। हमें अपने वचन,वाणी का हर पल सदुपयोग करना चाहिए तथा अधिकाधिक मौन रहना चाहिए।
उन्होंने श्रावक के एक प्रश्न का उतर देते हुए कहा कि अनुप्रेक्षा का अर्थ है किसी बात पर बार-बार गहन चिंतन, मनन करना, यानी किसी विचार या वस्तु को बार-बार ध्यान से देखना और उस पर सोचना। जैन धर्म में एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक प्रक्रिया है जिसमें अस्तित्ववादी विषयों पर चिंतन करके वैराग्य और आत्म नियंत्रण को बढ़ावा दिया जाता है। अनुप्रेक्षा को एक ध्यान की विधि के रूप में भी देखा जाता है जहां मन को आध्यात्मिक और दार्शनिक अवधारणाओं पर केन्द्रित किया जाता है। जैन धर्म में, अनुप्रेक्षा को वैराग्य (भौतिक और सांसारिक बंधनों से मुक्ति) की भावना उत्पन्न करने वाला माना जाता है। जैन धर्म में बारह अनुप्रेक्षा (भावनाएं) है, जिनमें शरीर की अनित्यता, संसार की दुखमय प्रकृति आदि विषयों पर चिंतन किया जाता है, जिससे व्यक्ति निर्लिप्त होकर समभाव में रह सकें।
खीर एकासना 28 को
गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर, मुनि मंथन प्रभ सागर, बालमुनि मीत प्रभ सागर, साध्वी दीपमाला श्रीजी, शंख निधि श्री के सानिध्य में 28 सितंबर रविवार को डागा, सेठिया, पारख मोहल्ले के महावीर भवन में सामूहिक खीर एकासना का आयोजन रखा गया है। इसमें भागीदारी के लिए खरतरगच्छ महिला परिषद की मंत्री लीला बेगानी, ज्ञान वाटिका की प्रभारी सुनीता नाहटा व खरतरगच्छ युवा परिषद के नरेंद्र पुगलिया को अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने शुक्रवार को नामांकन करवाया। श्री खरतरगच्छ युवा परिषद के प्रचार प्रसार मंत्री धवल नाहटा ने बताया कि श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट, अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद, अखिल भारतीय खरतरगच्छ महिला परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ’’खीर एकासना’’ के लिए शनिवार व रविवार को भी नामांकन किया जाएगा।














