मांगे नहीं माने जाने पर अनपेक्षित आन्दोलन की दी चेतावनी
बीकानेर। गोचर भूमि को मास्टर प्लान से बाहर रखने एवं नगर की बसी हुई वैधानिक परिसंपत्तियों को किसी भी प्रकार से नुकसान नहीं पहुंचाने की मांग को लेकर प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) का एक प्रतिनिधि मण्डल बीकानेर डवलपमेंट अथॉरिटी (बीडीए) की आयुक्त श्रीमती अपर्णा अरोड़ा से मिला। बीकानेर जिला कलेक्टर की अनुपस्थिति में जिला कलेक्टर को संबोधित यह ज्ञापन बीडीए आयुक्त को सौंपा गया। बीडीए स्थित आयुक्त के कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने आयुक्त को बताया कि बीडीए द्वारा प्रस्तावित मास्टर प्लान में नगर के 188 गाँवों एवं शहर की गोचर एवं ओरण भूमि का आवासीय, व्यावसायिक एवं अन्य उपयोग के रूप में शामिल किया जाना सरासर नाजायज है। खैरीवाल ने बीडीए आयुक्त श्रीमती गुप्ता से आग्रह किया कि बीडीए से हुई इस चूक का सुधार करते हुए तुरन्त प्रभाव से गोचर एवं ओरण को प्रस्तावित मास्टर प्लान से बाहर किया जाए। उन्होंने बताया कि इसके अलावा शहरी क्षेत्र में अनेक स्थानों पर हुई बेतरतीब बसावट को किसी भी तरह से उजाड़ने की कोशिश नहीं की जाए। छोटी काशी बीकानेर की एक ईंच भी गोचर एवं ओरण को मास्टर प्लान में सम्मिलित नहीं किया जाए। साथ ही नगर के बसे हुए निवासियों की वैधानिक परिसंपत्तियों को किसी भी प्रकार से नुकसान नहीं पहुंचाया जाए। पैपा द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि बीडीए या प्रशासन द्वारा अपनी हठधर्मिता दिखाते हुए गोचर एवं ओरण को प्रस्तावित मास्टर प्लान से मुक्त नहीं किया जाता है तो देश के नौनिहालों का भविष्य बनाने वाले टीचर्स को सड़कों पर उतरना पड़ सकता है और प्रशासन को अनपेक्षित आन्दोलन का सामना करना पड़ सकता है। यदि प्रशासन द्वारा अपनी जिद्द से पीछे नहीं हटा जाएगा तो होने वाले जन आन्दोलन एवं विरोध की समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान बीडीए आयुक्त ने कहा कि यह मास्टर प्लान स्वायत्त शासन विभाग एवं राज्य सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार ही बनाया गया है। फिर भी इस संबंध में त्वरित उपाय तलाशने के प्रयास बीडीए करनेे की प्लानिंग कर रहा है। खैरीवाल के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधि मण्डल में घनश्याम साध, प्रभुदयाल गहलोत, चंपालाल प्रजापत उमानाराम प्रजापत, सिकन्दर यादव, गोपाल पंवार, रामसिंह सांखला एवं रघुनाथ बेनीवाल इत्यादि सम्मिलित थे। इस दौरान बालकिशन सोलंकी, रमेश बालेचा, योगेश सांखला, रमेश सैनी, विनोद भाटी, विष्णु दत्त मारू, डॉ. नमामी शंकर आचार्य, अशोक उपाध्याय, तरविन्दर सिंह कपूर, हरिनारायण स्वामी, मनोज व्यास इत्यादि भी कलेक्ट्रेट एवं बीडीए पहुंचे।















