राजस्थान शिक्षक संघ (शे) बीकानेर का दो दिवसीय 63वां जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन राजकीय महारानी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रारम्भ हुआ। प्रथम दिन उद्धघाटन सत्र की शुरुआत विद्या की देवी माँ सरस्वती के तेल चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। जिला मंत्री अरुण गोदारा ने अतिथियों के सम्मान में स्वागत उद्बोधन दिया। मुख्य वक्ता हनुमाना राम इसरान (सेवानिवृत्त प्राचार्य कॉलेज शिक्षा ) ने सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत करने और निजीकरण से भविष्य में शिक्षा क्षेत्र में होने वाले दुष्प्रभाव पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि महेंद्र कुमार शर्मा (मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी) ने कम्प्यूटर और सूचना क्रांति के शिक्षा के क्षेत्र में महत्व पर सदन में विचार साझा किए। पृथ्वीराज लेघा ने शिक्षा में नवाचारों के संदर्भ में अवगत करवाया। प्रदेश मंत्री संजय पुरोहित ने विद्यार्थियों के अध्ययन में डिजिटल एवं स्मार्ट क्लास को सहायक उपकरण के रूप में उपयोग से सम्बंधित सकारात्मक विचार रखते हुए शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थी के शैक्षिक सामंजस्य से समाज के वैचारिक उत्थान के विषय में सदन के समक्ष स्वयं के विचार रखे। संगठन के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह भाटी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य खुमाणाराम सारण, महेंद्र सिंह पंवार, हुकमाराम झोरड़, मनीष ठाकुर, डिआर सिंवर, अनिता चौधरी आदि ने भी उपस्थित शिक्षकों को सम्बोधित किया। वक्ताओं के उद्बोधन में स्थानांतरण, पदोन्नति, पुरानी पेंशन, गैर शैक्षणिक कार्य से मुक्ति, वेतन विसंगति आदि मुद्दे केंद्र बिंदु रहे।कार्यक्रम का संचालन रतिराम सारण ने किया। जिला प्रवक्ता रविन्द्र विश्नोई ने बताया कि सम्मेलन के उद्धघाटन सत्र में पूरे बीकानेर जिले के सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया।
कल सम्मेलन के द्वितीय दिवस में खुले सत्र में प्रस्ताव पारित कर शिक्षा विभाग को प्रेषित किए जायेंगे।

















