
बेटी दिवस के अवसर पर विस्तृत आलेख*(2025)
अंतराष्ट्रीय दिवस (माह सितंबर के आखिरी रविवार,)
बेटी लेकर के आसी आपरा भाग
इने मारो ना ही कोख में
जग री रोशनी सूरज सूं
परिवार री रोशनी बेटी सूं
बेटी दिवस जो कि प्रतिवर्ष सितम्बर माह के चौथे रविवार को मनाया जा रहा है। इसकी शुरुआत हाल ही के कुछ वर्षों में हुई हैं। यह दिन बेटियों के प्रति प्यार, सम्मान और प्रशंसा व्यक्त करने का एक विषेश दिवस है।
यह दिवस हमें याद दिलाता है कि बेटी केवल घर की ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि भविष्य की नींव है। बेटी परिवार की शान, समाज का गौरव और देश की प्रगति की धरोहर होती है।
*बेटी दिवस मनाने का मूल उद्देश्य*
(बेटियों के प्रति प्यार और उमंग)
आज भी हमारे समाज में कुछ पुरानी और बुरी कुरीतियाँ जैसे बाल विवाह और भ्रूण हत्या आदि जो कि बेटी के जीवन को अंधकार में धकेल रही हैं। बाल विवाह से न केवल बेटी का बचपन छिन जाता है, बल्कि उसका स्वास्थ्य, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य भी खतरे में पड़ जाता है। भ्रूण हत्या तो एक ऐसा अपराध है, जिससे बेटियाँ जन्म लेने से पहले ही दुनिया से मिटा दी जाती हैं। यह हमारे समाज और संस्कृति पर गहरा दाग लग रहा है। इन्हीं विभिन्न कुरीतियों को रोकने के लिए बेटी दिवस भारत में एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो बेटियों के सशक्तिकरण और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलानें के लिए मनाया जाता है, लेकिन वर्तमान में यह सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दिवस नहीं है।
“भारत सरकार द्वारा बेटियों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए योजनाएं”
सरकार और समाज सभी ने बेटियों के भविष्य को आगे बढ़ाने हेतु विभिन्न योजनाएं एवं अभियान चलाए है जिसमें “बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान” बहुत ही महत्वपूर्ण रहा है। इस अभियान का मूल उद्देश्य है – हर बेटी को जन्म से लेकर शिक्षा और सम्मान का अधिकार दिलाना। बेटी को पढ़ाना केवल परिवार का नहीं, पूरे समाज का दायित्व है, क्योंकि शिक्षित बेटी ही आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा देती है। इसके अलावा सरकार द्वारा बेटियों के लिए विभिन्न योजनाएं भी चलाईं जा रही है
(1)राज श्री योजना — यह योजना शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग करती है।
(2) बालिका सुरक्षा योजना – बालिकाओं की शिक्षा के साथ साथ पालन पोषण की वित्तीय सहायता देती है।
(3) बालिका सामूहिक विवाह योजना – सरकार द्वारा निर्धन परिवारों को सामूहिक विवाह के लिए सहयोग देना।
(4) मुख्यमंत्री राज श्री योजना – उत्कर्ष प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रोत्साहन देना। (5)गार्गी पुरस्कार योजना – 10वीं और 12वीं कक्षा में श्रेष्ठ अंक प्राप्त करने पर बालिकाओं को सम्मानित करना एवं भेट स्वरूप राशि वितरण करना।
(6) देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण योजना – उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को नि: शुल्क स्कूटी प्रदान करना।
(7) सुकन्या योजना – बालिकाओं के उज्जवल भविष्य के लिए बचत को प्रोत्साहन देना।
इन सभी सरकारी योजनाओं के साथ अन्य सरकारी योजनाएं भी बहुत है। यह सभी सुविधाएं सरकार बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए निरंतर दे रही है।
*बेटियों के प्रति परिवार का सहयोग*
*सूरज दिन रो प्रकाश, बेटी परिवार रो उल्लास*
बेटी के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण सहारा उसके परिवार का प्यार और समाज का सम्मान होता है। जब माता-पिता उसे बेटे की भांति ही पढ़ाने और आगे बढ़ने का अवसर देते हैं, साथ ही गुरुजन उसे अच्छा मार्गदर्शन देते हैं और समाज उसे सम्मान देता है, तभी बेटियों के आत्मविश्वास पर चार चाँद लग जाते हैं। बेटी अपने परिवार और समाज से मिला प्यार पुनः लौटाकर सेवा, स्नेह और विभिन्न उपलब्धियों के रूप में वापस करती है।
*हमारा संकल्प*
सबसे पहले हमें अपने समाज में होने वाली पौराणिक परम्पराओं की बुरी कुरीतियों को रोकना होगा। हम भ्रूण हत्या जैसी अमानवीय प्रवृत्ति को रोकने का प्रयास करेंगे। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को आगे बढ़ाने का प्रयास सरकार के साथ साथ हमेशा हमें भी नियमित रूप से जागरूकता लानी पड़ेगी। बाल विवाह जैसी कुरीतियों का विरोध भी हमें करना पड़ेगा। हर बेटी को शिक्षा का अवसर भी दिलाने में जन जागरूकता लानी पड़ेगी।
बेटियों को सम्मान, सुरक्षा और प्यार देना चाहिए।
आज यदि घर में बेटी का जन्म न हो तो घर सूना सा लगता है, समाज अधूरा लगता है और देश प्रगति नहीं कर सकता। बेटी ही जीवन का प्रकाश है, जिस प्रकार सूरज अंधकार को दूर करता है वैसे ही बेटी घर-परिवार में खुशियों की किरण फैलाती हैं।
*ऐसे मनाएं बेटी दिवस*
बेटियों के साथ अधिक से अधिक समय बिताएं। बेटियों की हर उपलब्धियों का ज़श्न मनाएं एवं उपहार भेंट करें। बेटियों को उनके लक्ष्यों के प्रति प्रेरित करें और बेटियों की क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रोत्साहन दे। बेटियों की खुशियों के अनुरूप कार्य करें जैसे पिकनिक स्पॉट पर जाना, नई पोशाक दिलाना, बेटी का पसंदीदा खेल खेलना, खाना खिलाना, इस प्रकार पूरा दिन बेटियों के साथ खुशियां बांटना और स्नेह, प्यार और विश्वास के साथ आगे बढ़ते रहने को प्रोत्साहित करना।
*मुझे मिला माता-पिता, परिवार एवं गुरुजनों का आशीर्वाद*
मैं म्हारे मां बापू री लाडली,
मै मानवी सोलंकी 14 वर्षीय बालिका अपने माता-पिता और एन पी सोलंकी परिवार के साथ अपने मार्गदर्शक गुरुजी के सानिध्य,स्नेह और आशीर्वाद से ही मैने निरंतर प्रगति की है। साथ ही करूणा क्लब अंतराष्ट्रीय संस्था द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पाया है। मेरे पिताजी श्री राजकुमार जी सोलंकी जो स्वयं Prince है और मुझे भी उन्होंने Princess जैसा प्यार और स्नेह दिया है। मैं बहुत ही सौभाग्यशाली हूं कि मेरे माता-पिता अपने बेटे एवं बेटी में कोई अन्तर नहीं रखते और मुझे निरंतर आगे बढ़ने हेतु प्रेरित करते है। मैं वचन देती हूं कि मैं अपने माता-पिता के प्यार ,स्नेह और विश्वास का सदैव मान रखूंगी और अपने समाज और देश की सेवा में निरन्तर आगे बढूंगी।
*सभी बहनों से मेरी अपील*
हमें अपने माता-पिता के प्यार और विश्वास का ग़लत फायदा नहीं उठाना चाहिए। उनके संस्कार और शिक्षा हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। अगर हम मेहनत करें और ईमानदारी से आगे बढ़े तो परिवार का और समाज का नाम रोशन कर सकते हैं।
*सभी माता पिता को बेटी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं*
करूणावान गाइड
मानवी सोलंकी
कक्षा 8
अध्यक्ष
करूणा क्लब इकाई
शांति विद्या निकेतन मा वि शीतला बीकानेर














