
बीकानेर नवरात्रि के भक्तिमय अवसर पर “जनसारी सिन्धी समाज समिति” द्वारा आयोजित “गरबा महोत्सव” ने समूचे समाज को “कुलदेवी चामुण्डा” की भक्ति एवं आराधना के रंग में रंग दिया। नवरात्रा स्थापना दिनांक 22 सितंबर से आरम्भ हुए इस महोत्सव में प्रतिदिन समाज के सभी सदस्य एवं अन्य रिहायशी लोगों द्वारा भी हिस्सा लिया गया। प्रतिदिन दोपहर में जनसारी सिन्धी समाज के चामुण्डा भैरव थान में भजन-कीर्तन आयोजित किया गया एवं सांय 7 बजे से प्रांगण में गरबा-डांडिया की धूम रही। सभी भक्तगण भक्तिभाव से देवी के समक्ष भावविभोर होकर नृत्य करते। प्रसाद वितरण एवं गरबा की धूम ने इस महोत्सव को अविस्मरणीय बना दिया।
महाष्टमी को प्रातः 51 कन्याओं का पूजन किया गया एवं माँ का प्रसाद सभी भक्तजनों ने पाया। महाष्टमी को सायः समापन समारोह आयोजित हुआ।
पुरस्कारों से बढ़ा उत्साह:-
इस विशेष दिन “गरबा महोत्सव” में 5 कैटेगरी में क्रमशः प्रथम,द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किये गये।
बेस्ट फीमेल डांसर अवार्ड
1. मोनू जेठवा
2. दीपा खत्री
3. शोभा राजपुरोहित
बेस्ट मेल डांसर अवार्ड
1. महेन्द्र कुमार
2. रजत चौहान
3. लोकश जेठवा
बेस्ट कपल डांसर अवार्ड
1. प्रेम रूक्मणी मनसुखानी
2. माया मूलचंद मकवाना
3. चित्रा हीरानंद लालवानी
बेस्ट किड्स डांसर अवार्ड
1. यामिनी खत्री
2. यशस्वी यादव
3. वत्सल आसवानी
बेस्ट वेशभूषा अवार्ड
1. लिपीका खत्री
2. डेलिषा आसवानी
3. हर्षिता खत्री
निर्णायक मण्डल में श्रीमती सीमा आसवानी एवं श्रीमती दीपिका खत्री रही। जनसारी सिंधी समिति की ओर से उन्हें भी स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
समाज के सभी सदस्यों के सहयोग से हुआ भव्य आयोजन
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इस महोत्सव के आयोजन में समाज के सभी गणमान्य सदस्यों का सहयोग रहा। जिनमें जशोदा देवी, गीता-भगवान दास रामचंदानी, ईश्वर लाल खत्री, कुलदीप खत्री, महेन्द्र कुमार एवं पुनीत रामचंदानी का विशेष सहयोग रहा।
वयोवृद्ध सम्मान:-
समाज के वयोवृद्ध सदस्यों में क्रमशः श्रीमती आशादेवी जेठवा एवं श्रीमती परमेश्वरी देवी खत्री को समाज का वरिष्ठ सदस्य सम्मान प्रदान किया गया। इसी क्रम में 70 वर्ष से अधिक आयु में श्रीमती चित्रा लालवानी का भी शाल ओढ़ाकर सम्मान किया गया।
कार्यकर्ताओं का सम्मान:-
इस महोत्सव के आयोजन को सफल बनाने में समाज के कई जुझारू कार्यकर्ताओं का अभूतपूर्व योगदान रहा एवं समिति की तरफ से इन सभी का शाल ओढ़ाकर कर सम्मान किया गया। जिनमें क्रमशः श्री ईश्वर लाल खत्री, पुनीत रामचंदानी, योगेश रामचंदानी, महेन्द्र कुमार, मूलचंद मकवाना ,कुलदीप खत्री एवं केशव चौहान रहे।
अविस्मरणीय शाम:-
कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण एवं निर्णायक मण्डल के सम्मान के साथ हुआ। महोत्सव का आगाज गरबा की धूम से हुआ एवं डांडियो की खनक एवं हंसी खुशी के बीच समाप्ति हुई। यह महोत्सव जनसारी सिन्धी समाज के लिए ना केवल उत्सव रहा बल्कि सामाजिक एकता एवं सांस्कृतिक उत्सव का सम्मिलित मिश्रण था।
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