
बीकानेर, 7 नवंबर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय राजस्थान, जयपुर के परियोजना निदेशक मातृत्व स्वास्थ्य डॉ तरुण चौधरी द्वारा मातृत्व स्वास्थ्य को लेकर बीकानेर संभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा की गई। स्थानीय होटल सभागार में आयोजित बैठक में संयुक्त निदेशक बीकानेर जोन डॉ देवेंद्र चौधरी व उपनिदेशक डॉ राहुल हर्ष द्वारा बीकानेर, श्रीगंगानगर तथा हनुमानगढ़ जिलों में एएनसी, डिलीवरी, पीएनसी, टीकाकरण, लेबर रूम आदि सेवाओं की उपलब्धि की गहन समीक्षा की गई। पीडी डॉ तरुण चौधरी ने विशेष कर सुरक्षित मातृत्व आश्वासन कार्यक्रम यानी कि “सुमन”, लेबर रूम की गुणवत्ता से संबंधित “लक्ष्य” कार्यक्रम, प्रसव वॉच कार्यक्रम तथा फेरस कार्बाॅक्सी माल्टोज के एनीमिया नियंत्रण में उपयोग विषय पर जिलेवार उपलब्धि की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य निशुल्क प्रसव सेवाओं से आगे बढ़ते हुए अब गुणवत्ता केंद्रित सेवाएं उपलब्ध करवाने पर है। इसके लिए समस्त चिकित्सा अधिकारी, फील्ड में तैनात सीएचओ व नर्सिंग अधिकारी तक का इन विषयों को लेकर आमुखिकरण किया जाए। प्रत्येक प्रसूता का 12 सप्ताह में पंजीकरण एवं कम से कम 4 प्रसव पूर्व जांच के बाद सुरक्षित प्रसव के लिए आवश्यक प्रबंधन किया जाए।
बैठक में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी बीकानेर डॉ राजेश कुमार गुप्ता द्वारा बीकानेर जिले के मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रमों की उपलब्धि की पीपीटी द्वारा प्रेजेंटेशन दी गई। इसी प्रकार जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी श्रीगंगानगर डॉ मुकेश मेहता एवं हनुमानगढ़ से डॉ सुनील विद्यार्थी द्वारा भी अपने-अपने जिलों की उपलब्धि पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। बैठक में मुख्य वक्ता के तौर पर जिला गुणवत्ता प्रबंधक सुनील सेन, सहयोगी संस्थान जपाईगो से सुनील कुमार, जीवराज सिंह, पीबीएम अस्पताल से गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ पारुल प्रकाश, डॉ अनीता, डॉ राजश्री चालिया, डॉ सुनिधि द्वारा विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी एनएचएम बीकानेर सुशील कुमार, डीपीओ श्रीगंगानगर विपुल शर्मा तथा डीएनओ हनुमानगढ़ सुदेश जांगिड़ सहित तीनों जिलों के जिला एवं उप जिला अस्पताल के लेबर रूम इंचार्ज एवं जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।













