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गणिवर्य व मुनि वृंद का विहार, नाल में दादाबाड़ी दर्शन वंदन
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गणिवर्य व मुनि वृंद का विहार, नाल में दादाबाड़ी दर्शन वंदन
बीकानेर, 15 नवम्बर। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ के गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर, मुनि मंथन प्रभ सागर व बाल मुनि मीत प्रभ सागर शनिवार को डागा सेठिया, पारख चौक के महावीर भवन से फलौदी के लिए शनिवार को विहार किया।
उन्होंने मुरलीधर व्यास कॉलोनी बाड़मेर के भूरचंद भंसाली निवास होते हुए नाल गांव स्थित दादाबाड़ी पहुंचे। जहां उन्होंने मुनिवृंद व श्रावक-श्राविकाओं के साथ दादा गुरुदेव जिन कुशल सूरिश्वरजी की दादाबाड़ी में दर्शन वंदन किए तथा बीकानेर से 17 किलोमीटर दूर वरिष्ठ श्रावक एन.सी.एक्सपोर्ट कंपनी (ऊन मील) परिसर पहुंचे। वहां से रविवार सुबह गजनेर, कोलायत व बाप की मार्ग पर विहार करेंगे।
गणिवर्य के साथ खरतरगच्छ युवक परिषद के अध्यक्ष अनिल सुराणा, उपाध्यक्ष कमल सेठिया, कोषाध्यक्ष अनिल पारख, राकेश बांठिया, खरतरगच्छ युवक परिषद के नरेन्द्र पूगलिया, महावीर नाहटा, राकेश बांठिया, गौरव सावनसुखा, धर्मेन्द खजांची, कपिल भंसाली सहित केयूप के अनेक सदस्य, गोचरी व वैयावच सेवा के प्रभारी लवलीन पारख, ज्ञान वाटिका प्रभारी सुनीता नाहटा, विहार व अनेक बालक-बालिकाओं ने गणिवर्य के साथ करीब 17 किलोमीटर चलकर विदा किया।
खरतरगच्छ युवक परिषद के अध्यक्ष अनिल सुराणा ने बताया कि महावीर भवन से मुरलीधर व्यास नगर तक खरतरगच्छ युवक परिषद, खरतरगच्छ महिला परिषद, ज्ञान वाटिका के बालक बालिकाओं व विचक्षण महिला मंडल की सदस्याओं, साध्वी दीपमाला, शंखनिधि, चातुर्मास में सेवाएं देने वाले उदासर के कोठारी परिवार व गंगाशहर के पुगलिया, फौजराज बांठिया परिवार के सदस्यों के साथ अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने गणिवर्य को ’’देव, गुरु व धर्म’ के जयकारों के साथ भावभीनी विदाई दी। मुरलीधर व्यास कॉलोनी के भंसाली निवासर पर वरिष्ठ श्रावक भूरचंद भंसाली, खरतरगच्छ युवक परिषद के राष्ट्रीय संरक्षक राजीव खजांची, रमेश संकलेचा बाड़मेर व कपिल भंसाली तथा परिवार की श्राविकाओं ने गंवली सजाकर गणिवर्य व मुनिवृंद का स्वागत वंदन किया।
सुराणा ने बताया जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ के गच्छाधिपति आचार्य प्रवर जिन मणि प्रभ सूरीश्वरजी महाराज के आज्ञानुवर्ती गणिवर्य व मुनि मंथन प्रभ सागर, गायक बाल मुनि मीत प्रभ सागर ने संबोधि चातुर्मास 2025 के लिए नगर प्रवेश 4 जुलाई 25 को किया था। गणिवर्य का चातुर्मास धर्म-आध्यात्मिक कार्यक्रमों से ऐतिहासिक रहा। गणिवर्य ने बीकानेर के इतिहास, कला व संस्कृति, जिनालय व अभिलेखागार के साथ जैन समाज के धरोहरों का अध्ययन कर लेखन कार्य किया । उनका क्षमा कल्याणजी महाराज पर शोध कार्य अनुकरणीय रहा। खरतरगच्छ युवक परिषद के मंत्री विक्रम भुगड़ी ने बताया कि साध्वी दीपमाला ने पन्द्रह वर्ष के बाद मुंबई की शंखनिधि श्रीजी का कुछ माह ढढ्ढा चौक के इंद्रलोक में प्रवास रहेगा।

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Prakash Samsukha

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