धरणीधर में रविवार को आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन सामाजिक समरसता और सम्मान के संदेश के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भगवान महर्षि वाल्मीकि जी के वंशजों नगर के स्वच्छता कर्मियों स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि राम झरोखा धाम के महंत श्री सरजू दास जी महाराज ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि समाज की उन्नति तभी संभव है जब हर वर्ग को समान सम्मान और अधिकार मिले। उन्होंने वाल्मीकि समाज के ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक समरसता बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के संयोजक नरेश आचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य समाज के उन वर्गों को सम्मान देना है, जो निरंतर निस्वार्थ भाव से समाज सेवा में लगे हुए हैं।
वहीं कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संघ के जसवंत सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिन्दू समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और समरसता में निहित है। कार्यक्रम से जुड़े बस्ती पालक प्रतीक आचार्य ने हिन्दू सम्मेलन की भूमिका एवं परिचय दिया सह संयोजक जगदीश मारू, डॉ रमेश पुरी ने कार्यक्रम का शंखनाद किया| मातृ शक्ति की तरफ से सुमन ओझा ने परिवार कुटुंब प्रबोधन नारी शक्ति विषय पर अपने विचार रखे |समिति के सदस्य कैलाश जी , सुभाष जी श्री किशन जी ने अतिथियों का स्वागत किया मंच संचालन उमाशंकर पुरोहित ने किया समिति के सरंक्षक श्री रेवाशंकर पुरोहित और विशिष्ट अतिथि नथु जी गिरी ने सम्मेलन में बड़ी संख्या में में आये स्थानीय नागरिको को धन्यवाद दिया.






























