
बीकानेर। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा के घोषित परिणाम में बीकानेर की बेटी नमिता सोनी ने शानदार सफलता हासिल करते हुए 547वीं रैंक प्राप्त की है। नमिता की इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। परिणाम घोषित होते ही परिजनों और परिचितों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया और नमिता को बधाइयां दीं।
नमिता की सफलता पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने भी उन्हें फोन कर बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। नमिता के पिता दामोदर सोनी और माता मंजू सोनी ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी तीन बेटियां हैं और नमिता सबसे छोटी है। उन्होंने बताया कि समाज में कई बार लोगों ने तीन बेटियों को लेकर ताने भी दिए, लेकिन आज नमिता ने अपनी मेहनत और लगन से उन सभी बातों का जवाब दे दिया।
भाजपा नेता मनीष सोनी ने कहा कि नमिता की सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि यदि बेटियों को अच्छी शिक्षा और अवसर दिए जाएं तो वे किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं और देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
नमिता की सफलता का सफर भी काफी प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने वर्ष 2020 से 2022 तक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में नौकरी की, लेकिन सिविल सेवा में जाने के अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए नौकरी छोड़ दी और पूरी मेहनत से तैयारी शुरू कर दी। इससे पहले भी वह दो बार यूपीएससी की लिखित परीक्षा पास कर चुकी थीं, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया था। तीसरे प्रयास में कड़ी मेहनत और धैर्य के बल पर उन्होंने यह बड़ी सफलता हासिल की।
नमिता के पिता दामोदर सोनी सोने की जड़ाई का काम करते हैं, जबकि उनकी माता मंजू सोनी महिला एवं बाल विकास विभाग नोखा में सीडीपीओ पद पर कार्यरत हैं। नमिता की इस उपलब्धि से परिवार, समाज और बीकानेर शहर में गर्व और उत्साह का माहौल है।


























