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सावित्रीबाई फुले एज्यूकेशनल एण्ड सोशल अवेयरनेस संस्था द्वारा परचम फहराने वाली महिलाओं को किया गया सम्मानित,पत्रकार शिक्षा डॉ. पोपली का हुआ सम्मान
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सावित्रीबाई फुले एज्यूकेशनल एण्ड सोशल अवेयरनेस संस्था द्वारा परचम फहराने वाली महिलाओं को किया गया सम्मानित

पत्रकार शिक्षा डॉ. पोपली का हुआ सम्मान


बीकानेर।दुनिया की आधी आबादी आज भी अपने अधिकारों को प्राप्त करने और अपने स्वतंत्र अस्तित्व को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
आज भी संवैधानिक समानता प्राप्त होने के बाद भी राजनीतिक रूप से आधी आबादी हाशिए पर है….क्यों ?
इसी विषय को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में अपने उल्लेखनीय कार्यों को लेकर विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है।
और महिलाओं द्वारा प्रत्येक क्षेत्र में विभिन्न उपलब्धियों को लेकर उन्हें सम्मानित किया जाता है।
बीकानेर में भी विभिन्न आयोजनों के बीच सावित्री बाई फूले एजुकेशनल एंड सोशल अवेयरनेस सोसाइटी प्रतिवर्ष महिलाओं को श्रेष्ठ कार्य करने के लिए ऐसे सम्मान कार्यक्रम का आयोजन करती रही है।
इस महिला दिवस पर भी संस्था द्वारा राजमाता सुदर्शना कला दीर्घा में उनके सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जिन्होंने अपने सीमित संसाधनों से असीमित प्रतिभा का परिचय देते हुए विभिन्न क्षेत्रों में परचम लहराया।
इस कार्यक्रम के आरंभ में गुलाम भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फूले के चित्र पर संस्था अध्यक्ष डॉ कप्तान चंद,सचिव डॉ सीमा जैन और अतिथियों द्वारा माल्यार्पण किया गया।
इस कार्यक्रम में साहित्य जगत में उदीयमान लेखिका और शिक्षिका रेणु बाला चौहान,पत्रकार और प्राचार्य डॉ मुदिता पोपली, लॉ गोल्ड मेडलिस्ट एकता सोलंकी, राष्ट्रीय स्तर की बॉक्सर बेनेश, पैरा एथलीट दुर्गा गहलोत, मानवी लखानी और लीला कुमारी को उनकी उपलब्धियों के लिए संस्था द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर उनका सम्मान किया गया।
इसी अवसर पर कार्यक्रम की थीम मेरी पसंद मेरा अधिकार पर लेखिका रेणु बाला चौहान ने महिलाओं की पसंद को लेकर एक कविता का वाचन किया और अपनी प्रथम प्रकाशित साहित्यिक कृति डीएम रश्मि रिपोर्टिंग सर की प्रति संस्था को भेंट की।
डॉ मुदिता पोपली ने बालिकाओं को शिक्षा के माध्यम से अपने अधिकारी को पहचानने की बात कही।
एकता सोलंकी ने हर महिला को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का विचार प्रस्तुत किया।
बेनेश ने खेलों के क्षेत्र में बालिकाओं के लिए आ रही चुनौतियों पर अपने विचार रखे।
दुर्गा गहलोत ने शारीरिक अक्षमता के परे मानसिक मजबूती के माध्यम से संघर्ष की कहानी प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ कप्तान चंद ने महिला सशक्तिकरण में आ रही कानूनी बाधाओं पर चर्चा की।
आज के कार्यक्रम की कीनोट स्पीकर डॉ सीमा जैन ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए हर जगह महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और कानून की बेबसी से उनके सम्मान में आ रही कमी और महिलाओं के साथ पूरे विश्व में हो रहे दुर्व्यवहार पर कड़े कानून बनाने और वास्तविक रूप से महिलाओं को उनके अधिकार देने की बात कही।
डॉ भारती सांखला ने आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया और
श्री राहुल यादव ने कार्यक्रम के समापन की घोषणा की ।
कार्यक्रम में विशाल सोलंकी,राजेश कस्वा, डॉ सुमन सोढ़ा, कविता , ममता, शिवानी, भावना, अल्का एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ सतपाल मेहरा ने किया।

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Prakash Samsukha

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