
नोखा धार्मिक नगरी में लगभग 12 वर्षों के लंबे एवं प्रेरणादायी प्रवास के पश्चात “शासन गौरव” साध्वी श्री राजीमती जी, ठाणा-7 का विहार शुक्रवार को लाडनूं की ओर, आचार्य श्री महाश्रमण जी के दर्शनार्थ।
विहार के अवसर पर तेरापंथ सभा, महिला मंडल, युवक परिषद, किशोर मंडल, कन्या मंडल, तेरापंथ प्रोफेशनल एवं अणुव्रत समिति सहित सभी संस्थाओं के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूर्व विधायक श्री बिहारीलाल जी सहित समाज के अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भी श्रद्धाभाव से विदाई में भाग लिया।
प्रातःकाल से ही तेरापंथ भवन, नोखा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गणवेश में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं की आंखें नम थीं। सभी ने भावभीनी मंगलकामनाओं के साथ गुरु दर्शन कर साध्वी श्री जी को विदाई दी। वातावरण में श्रद्धा, भावुकता और कृतज्ञता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इंदरचंद बैद (कवि) ने बताया कि बहनों और भाइयों की आंखों से आंसुओं की धारा बह रही थी। सभी के मन में यह भाव था कि इतने लंबे समय से मिल रहा आध्यात्मिक एवं धार्मिक ज्ञान अब किससे सुनने को मिलेगा। नोखा में साध्वी श्री राजीमती जी का लगभग 12 वर्षों का प्रवास अपने आप में एक रिकॉर्ड रहा।
इस अवसर पर सभा अध्यक्ष शुभकरण चौरड़िया सहित अनेक कार्यकर्ता व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से जुटे रहे।
वर्तमान में साध्वी श्री जी का विहार सोमलसर की ओर हुआ है। आगे लाडनूं पहुंचकर लगभग 25 मार्च तक आचार्य श्री महाश्रमण जी के दर्शन करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। https://www.instagram.com/reel/DV0p9Rvgdnc/?igsh=MWVnMWQxY3QxbjRnNg==




























