


गौ सेवा सबसे बड़ा पुण्य कार्य
नोखा। (इंद्रचंद मोदी) धर्मनगरी नोखा में सलुंडिया रोड़ स्थित चाण्डक भवन में 25 मई से 31 मई तक दोपहर 2 बजे से सायं 6 बजे तक कान्हा गौ सेवा समिति और अंरकेश्वर महादेव शिवालय परिवार, राधा-माधव कीर्तन मंडली, माहेश्वरी व वीरा महिला संगठनों के तत्वाधान में आयोजित हो रही सप्तदिवसीय संगीतमयी श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार 27 मई को व्यासपीठ पर विराजित भगवान महादेव उपासक विद्वान पंडित महावीर महाराज रोड़ा ने अपनी अमृत मयी मधुर वाणी से श्रीमद् भागवत कथा महापुराण के ध्रुव चरित्र, पुरंजनोपाख्यान और प्रहलाद चरित्र प्रसंगों की कथा सुनाते हुए हजारों की तादाद में उपस्थित नर-नारी दर्शक श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। कथा व्यासजी ने श्रोताओं से कहा कि निराश्रित गौ सेवार्थ हो रही कथा में सहयोग देकर इस पुरुषोत्तम अधिक मास में पुण्य लाभ कमावे। कथा के तीसरे दिन मुरलीधर राठी सपत्नीक श्रीमती संतोष देवी राठी व आशीष करवा सपत्नीक श्रीमती राखी करवा ने मुख्य श्रोता यजमान के रूप में व्यासपीठ के सामने प्रथम पंक्ति में बैठकर श्रीमद् भागवत कथा का रसपान किया और पूजा की। कथा में नोरतनमल, विमला देवी गौड़, मुरलीधर संतोष राठी, राजेन्द्र प्रसाद, नवरतन गौरी शंकर सोनी ने प्रसाद वितरण किया।
कथाव्यासजी ने कहा पुरुषोत्तम मास और एकादशी का दिन किया गया पुण्य कार्य गौ सेवार्थ दिया गया दान और धर्म पुण्य अनन्त रहता है उन्होंने कहा कि एकादशी का व्रत रखना चाहिए| विदुर संवाद में उत्तानपाद की कथा सुनाते हुए कहा उत्तानपाद के सुनिती और सुरूची नाम की दो पत्निया थी दोनो के एक-एक पुत्र था उत्तानपात की पत्नि सुनिती के पुत्र ध्रुव की कथा सुनाते हुए कहा भगवान की कृपा से ध्रुव ने 36 हजार वर्ष तक राज्य किया| व्यासजी ने कहा भागवत महापुराण ज्ञान का भंडार है ज्ञान ही ज्ञान भरा पड़ा है| उन्होंने कहा कि भगवान का नाम लेने मात्र से मानव का कल्याण हो जाता है। राम से बड़ा है राम का नाम भजन पर दर्शक श्रोता झुमने लगे। भरतजी की कथा में कहा कि भरत की बली देने के लिए काली माता के मंदिर में ले जाया गया इसी दौरान कथा प्रसंगानुसार श्री श्याम झाँखी मंडल जसवन्तगढ़ के झाँखी कलाकार बाबूलाल टेलर ने भद्रकाली माताजी की अति सुन्दर मन मोहक झाँखी प्रस्तुत की| भरत प्रसंग पर महाराज ने कहा कि संसार में एक मात्र देश है जिसे माता के नाम से पुकारा जाता है वो भारत देश यहाँ भजन- यह भारत देश है मेरा जहाँ आसमान से बात करते मंदिर और शिवालय|
कथा प्रसंगानुसार नरसिंह भगवान की झाँखी प्रदर्शित की झाँखियो के दर्शन कर दर्शक श्रोता मंत्रमुग्ध हो गये| पापी अजामील की कथा के दौरान महाराज ने कहा अजामील अपने पुत्र नारायण का नाम लेने मात्र से उसका कल्याण हो गया| भक्त प्रहलाद की कथा सुनाने के दौरान व्यासजी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को पुरे 9 माह तक भगवान का ध्यान आदि धर्म कार्य करने चाहिए ताकि कोख में पल रही सन्तान भक्त प्रहलाद की तरह संस्कारवान और धर्म प्रिय हो| कथा के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया|
अंरकेश्वर महादेव मंदिर परिवार के सदस्य इंदरचंद मोदी ने प्रेस नोट जारी करते जानकारी दी ।













