
खुशबू गिल ने रचा इतिहास, एशियाई ट्रायल में जीता गोल्ड मेडल
बीकानेर।
एसएमएस दिव्यांग सेवा संस्था पैरा स्पोर्ट्स बीकानेर की अध्यक्ष मंजू गुलगुलिया के नेतृत्व में चल रही निशुल्क अकादमी दिव्यांग बच्चों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनती जा रही है। संस्था द्वारा दिव्यांग बच्चों को खेलों के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने एवं भारत का प्रतिनिधित्व करने के उद्देश्य से नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इसी कड़ी में अकादमी की खिलाड़ी खुशबू गिल ने बेंगलुरु में आयोजित एशियाई ट्रायल में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। खुशबू ने टी-20 कैटेगरी के शॉट पुट मुकाबले में 4 किलो वजन का गोला 11 मीटर 12 सेंटीमीटर दूर फेंककर क्वालीफाई किया और भारत का प्रतिनिधित्व करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया।
मंदबुद्धि होने के बावजूद खुशबू गिल ने अपनी कमजोरी को ताकत बनाकर यह उपलब्धि हासिल की, जो समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। उनकी इस सफलता से बीकानेर सहित पूरे राजस्थान में खुशी का माहौल है।
खुशबू की इस उपलब्धि के पीछे द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित कोच महावीर सैनी का विशेष योगदान रहा है। महावीर सैनी राजस्थान में दिव्यांग खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
संस्था अध्यक्ष मंजू गुलगुलिया ने बताया कि अकादमी का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को खेलों के माध्यम से आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे देश और समाज में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकें। खुशबू गिल की यह उपलब्धि आने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।













