नोखा। यहाँ चाण्डक भवन में 25 मई 2026 से 31 मई तक दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक कान्हा गौ सेवा समिति और अंकेश्वर महादेव शिवालय परिवार के तत्वावधान में आयोजित हो रही सप्तदिवसीय संगीत मयी श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन गुरूवार 28 मई को व्यासपीठ पर विराजित महादेव उपासक विद्वान पंडित महावीर महाराज ने अपनी अमृत मयी मधुर वाणी में श्रीमद् भागवत कथा महापुराण के गजेन्द्र मोक्ष, वामनावतार, अमरीश कथा, रामावतार रामजन्म और कृष्ण जन्मोत्सव प्रसंगों की कथा सुनाते हुए दर्शक श्रोता भक्तजनों मंत्र मुग्ध कर दिया। गजेन्द्र मोक्ष प्रसंग पर व्यासजी ने कहा कि काल नामका मगरमच्छ रहता है लेकिन इसकी ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। ऊपर जाने के समय गजेन्द्र की भांति सभी साथ छोड़ देते है कोई साथ नहीं चलता। चलता है तो उसके पाप, पुण्य। इसलिए आपको प्रभु भक्ति दान पुण्य करना चाहिए। व्यासजी ने गौ माता की सेवा, प्रभु, दान और तप को बहुत बड़ा पुण्य बताया। वामन अवतार प्रसंग पर व्यासजी ने कहा कि राजा बलि ने भिखारी के रूप में भगवान विष्णु को 3 कदम भूमि देने के वरदान में मात्र दो कदमों में ही त्रिलोकी दे दी और तीसरे पांव के लिये बलि भगवान से कहा कि हे भगवान तीसरे कदम में आप मुझे ले लीजिये तीसरा पैर मेरे सिर पर धारण करें। राजा बलि ने अपने आपको समर्पित कर दिया। जसवन्तगढ़ के झाँकी कलाकार बाबूलाल टेलर द्वारा संजीव झाँकी के रूप में वामन अवतार हुआ साथ में राजा बलि और राजा बलि के गुरु शुक्राचार्य जी की मनमोहक झाँकी के दर्शन करके दर्शक श्रोता मंत्र मुग्ध हो गये । इसी दौरान भजन गायक कलाकार ने भजन- तेरे द्वार खड़ा भगवान भगत भरदे रे झोली द्वारा मंत्र मुग्ध कर दिया। श्रीमद् भागवत कथा में चौथे दिन ओमप्रकाश-श्रीमती गंगा देवी पारीक और शिवकिशन-निशा झंवर ने व्यासपीठ के सामने प्रथम पंक्ति मुख्य श्रोता के रूप में बैठकर भागवत कथा का रसपान किया।
हरीकिशन, शिव-निशा झंवर परिवार द्वारा श्रोताओं को प्रसाद वितरण किया गया। झांकी कलाकार द्वारा कथा प्रसंगानुसार सृष्टि की झांकी में भगवान विष्णु, लक्ष्मी, ब्रह्माजी और नारदजी की मनमोहक झांकी के दर्शन करवाये गये। चौथे दिन की कथा में कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी अर्केश्वर महादेव शिवालय के पुजारी व्यवस्थापक लालचन्द उपाध्याय नन्द बाबा के रूप में अपने सिर पर नवजात शिशु को कृष्ण के रूप में लेकर आये तो पूरा हॉल कृष्ण मय हो गया और ‘हाथी घोड़ा पालकी – जय कन्हैया लाल की’ से सरोकार रहा।
कथा में मूलवास (सीलवा) निवासी संत स्व. पदमाराम कुलरिया के सुपुत्र शंकरलाल, धर्मचन्द और कानाराम कुलरिया के पुत्र आये और कथा श्रवण की तथा व्यास जी से आशीर्वाद लिया। कुलरिया परिवार ने पदम ग्रुप की ओर से पांच लाख एक हजार एक (5,01,001) रूपये की राशि गौ सेवार्थ भेंट की गई।
व्यासपीठ द्वारा कुलरिया परिवार सहित कई भामाशाहों का और संस्थाओं व पत्रकारों का सम्मान किया गया।

















