नोखा में चाण्डक भवन में हो रही श्रीमद् भागवत कथा में उमड़ रहा है जनसैला
गौ माता की सेवा व पूजा और रक्षा करना हर गृहस्थी का कर्तव्य — महावीर महाराज
नोखा। नोखा में चाण्डक भवन में कान्हा गौ सेवा समिति और अर्केश्वर शिवालय परिवार द्वारा 25 मई 2026 से 31 मई तक दोपहर 2 बजे से सांय 6 बजे तक चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में पाँचवे दिन शुक्रवार को कथा व्यास महावीर महाराज पंचारिया ने भगवान की बाल लीलाएँ माखन चोरी, गौ चारण, वेणुगीत, चीर हरण, गोवर्धन धारण और छप्पन भोग प्रसंगों की कथाओं का हजारों की तादाद में उपस्थित नर-नारी श्रोताओं को रसस्वादन करवाते हुए ज्ञान गंगा में डुबकियां लगवाईं और उन्हें भाव विभोर कर दिया।
जसवंतगढ़ के झांकी कलाकार बाबूलाल टेलर ने कथा प्रसंगानुसार माखन चोरी सजीव झांकी में कृष्ण, ग्वालबाल और गोपियों के सिर पर रखी माखन मटकी से माखन चोरी करते देख दर्शक श्रोता आनन्दित हो रहे थे। झांकी विशेषज्ञ द्वारा कथा प्रसंगानुसार छप्पन भोग गिरीराज की झांकियों से दर्शक श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।
व्यासजी ने कहा गाय हमारी माता है उसमें 33 कोटी देवी देवता वास करते हैं। इसलिए हम सबको अपने घरों में गाय रखनी चाहिए और उसी का घी, दूध, दही का सेवन करना चाहिए। गौ माता की पूजा और रक्षा करनी चाहिए। महाराज ने कहा कृष्ण बाल लीला प्रसंग को समझें और उत्तम जीवन जीने के लिए सद्पुरुषों का संग करके अच्छे संस्कारवान बनें। कंस कुसंगति के कारण ही दुराचार करने लग गया था, इसी पापाचार के कारण कंस का सबकुछ नष्ट हो गया था। कन्हैया को मारने आई पूतना का भी कन्हैया द्वारा कल्याण करने की कथा, सत्तासुर उद्धार की कथा सुनाई।
अर्केश्वर महादेव परिवार के इन्द्रचन्द ने प्रेसनोट जारी करके बताया कि पिछले दो दिनों से कथा में जन सैलाब उमड़ा हुआ है, इस कारण शुक्रवार को भवन की ऊपरी मंजिल बालकॉनी में भी बैठने की व्यवस्था की गई। कथा के पाँचवे दिन मुख्य श्रोता यजमान — सरला-राजेश करवा, अंजु-मुरली मोहता और आरती-केशव करवा रहे। छगनलाल दिनेश मोहता द्वारा 56 भोग प्रसादी की गई, प्रतिदिन की प्रसादी मुन्नालाल आनंद संखलेचा द्वारा की गई।













