केसरदेसर में श्री गौ नंदी कृपा कथा में
वंदे गौ मातरम की गूंज, सुरभि यज्ञ में आहुतियां, भजन संध्या आज
बीकानेर, 01 जून। गौ सम्मान आह्वान अभियान को प्रचंड वेग देने के लिए केसरदेसर जाटान गांव में श्री गौ नंदी कृपा कथा में सोमवार को दूसरे दिन वंदे मातरम व वंदे गौ मातरम नारों की गूंज रही। गौ माता की रक्षा के लिए सुरभि यज्ञ शुरू हुआ। गौ शाला परिसर में चल रही कथा स्थल पर मंगलवार को रात नौ बजे भजन संध्या होगी। जिसमें टोक निवाई के गो ऋषि संत प्रकाश दास जी महाराज भजनों की प्रस्तुतियां देंगे।
यज्ञ में गो भक्त श्रीमती मणका देवी गोपी किशन चांडक, जुगल-मधु चांडक, सुनील-संतोष चांडक, प्रयाग चंद चांडक,माहेश्वरी समाज व आस पास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं युर्जुवेद के मंत्रों से आहूतियां दी। जयपुर, श्रीडूंगरगढ़ के पंडित अजय शर्मा, के नेतृत्व में वेदपाठी ब्राह्मणों ने सुरभि यज्ञ के लिए मंडप पूजन व अग्नि प्रज्जवलन के बाद आहूतियां दिलवाई। यज्ञ प्रतिदिन सुबह छह बजे से नौ बजे तक तथा श्री गौ नंदी कृपा कथा दोपहर एक बजे से शाम चार बजे तक नियमित 6 जून तक चलेगी।
गो, पर्यावरण एवं अध्यात्म चेतना पद यात्रा के प्रणेता तथा श्री गोपाल परिवार संघ के संस्थापक ग्वाल संत गोपाल नंदजी सरस्वती ’’गुरुजी’’ ने कहा कि गोवंश भारतीय जीवन एवं संस्कृति का सृष्टि के प्रारंभ से वंदनीय व पूजनीय है। गौ माता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान के लिए 27 जुलाई 2026 को ’’गौ सम्मान’’ दिवस मनाया जाएगा। गाय को पशु श्रेणी से निकाल कर संविधान में गौ माता का दर्जा दिलाने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व जिला कलक्टरों को ज्ञापन दिए जाएंगे। इसके लिए भारत के सभी जिलों में 5-5 लाख लोगों के हस्ताक्षर करवाने का अभियान चलाया जा रहा है।
ग्वाल संतजी ने ’’ धरती धोरां री’’, ’’रामजी मिलन कद होसी’’, ’’डाल-डाल पर सोने की चिड़िया, वो भारत देश है मेरा’’, ’’सारे तीर्थ धाम गाय के चरणों में’’, आदि भजनों को सुनाते हुए कहा कि कतिपय लोगों को छोड़कर भारत के हिन्दू, मुस्लिम, सिख व इसाई सब गाय को राष्ट्रीय माता’’ का सम्मान देते है। गौ दान, गौ रक्षा व गौ सेवा करने वाले परिवारों में सुख व समृद्धि तथा शांति रहती है। धर्म शास्त्रों में बताया गया कि गौ माता में 33 कोटि देवी देवताओं का वास रहता है। गौ माता के दर्शन, वंदन करने से पुण्यों की प्राप्ति तथा पापों की निवृति होती है।
कथा स्थल पर डिसा, गुजरात के राहुल भाई डोसी, कोलकाता के शंकर लाल बजाज, कटक, उड़ीसा के बंटीभाई, राहुल जोशी व घन श्याम मूंधड़ा का गौ सेवा के लिए आयोजन से जुड़े ग्वाल संतजी, साध्वी श्रद्धा दीदी व जुगल चांडक ने दुप्टा व स्मृति चिन्ह प्रदान कर अभिनंदन किया। इस अवसर पर जुगल चांडक ने केसर देसर जाटान की गौ शाला के लिए एक लाख 21 हजार रुपए देने तथा उदयपुर में दाताश्री फाउंडेशन की ओर से प्रस्तावित आधुनिक 11 मंजिल की गौ चिकित्सालय के लिए अपने सहयोगियों व परिजनों संयुक्त प्रयासों से 61 लाख रुपए व एक बीघा जमीन देने की घोषणा की। इस ट्रस्ट की ओर से देश में 1008 गौ चिकित्सालयों का निर्माण करवाया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए बीकानेर गंगा जुबली पिंजरा पिरोल के पास से सुबह ग्यारह बजे, नोखा देशनोक, सींथल से दोपहर बारह बजे श्रद्धालुओं को केसर देसर ले जाने व वापस छोड़ने के लिए निःशुल्क बसों की व्यवस्था की गई है।








































