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वंदे गंगा, जल संरक्षण जन अभियान’: जिला स्तरीय कृषि कार्यशाला एवं संगोष्ठी आयोजित

बूंद-बूंद पानी का सदुपयोग कर अधिक से अधिक उत्पादन लें किसानः श्री सुथार

*परम्परागत के साथ नवीन कृषि व उद्यानिकी तकनीकें अपनाएं किसान, बचाएं पानी: जिला कलक्टर*

*सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र प्रर्दशनी का किया अवलोकन*

बीकानेर, 1 जून। ‘वंदे गंगा, जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत जिला स्तरीय कृषि कार्यशाला तथा गोष्ठी व सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र प्रर्दशनी का आयोजन सोमवार को जयपुर रोड स्थित कृषि भवन में किया गया।

जिला प्रशासन द्वारा कृषि और उद्यानिकी विभाग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री राम गोपाल सुथार मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की जल संरक्षण की दूरगामी सोच के आधार पर यह अभियान आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश के गांव-गांव और ढाणी-ढाणी में जल संरक्षण, बूंद बूंद पानी के सदुपयोग और पौधारोपण सहित विभिन्न कार्य हो रहे है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे अधिक बड़ी चुनौती तथा आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति को इस अभियान से जुड़ते हुए जल की बचत करनी चाहिए तथा दूसरों को प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा की खेती में भी जल बचत तथा बूंद-बूंद पानी का प्रयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसान ऐसे नवाचार करें, जिससे कम से कम पानी में अधिक फसलें ली जा सकें।

जिला कलेक्टर श्री निशांत जैन ने कहा कि अभियान के तहत 15 विभागों द्वारा सघन गतिविधियां आयोजित की जा रही है। उच्च स्तर पर इनकी नियमित मॉनिटरिंग हो रही है। उन्होंने कहा कि जिले सहित देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर है। ऐसे में प्रगतिशील किसानों को जल संरक्षण से जुड़े उपाय बताना अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि किसान परंपरागत के साथ नवीन कृषि उद्यानिकी तकनीकों से भी खेती करें, जिससे पानी का संरक्षण हो सके। इसके लिए इस अभियान को जल संरक्षण से जोड़ते हुए अधिक से अधिक किसानों को प्रेरित किया जाए।

श्री श्याम पंचारिया ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान के लोग बूंद-बूंद पानी की कीमत समझते हैं। यहां जल संरक्षण की परम्परा रही है। हमारे पूर्वजों ने अनेक कुएं, तालाब और बावड़ियां बनवाई। इनका संरक्षण भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए जल संरक्षण की अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। प्रत्येक पात्र किसान तक इनका लाभ पहुंचाया जाए। इस दौरान श्री कुंभनाथ सिद्ध और श्री कैलाश बिश्नोई ने भी जल संरक्षण से जुड़े विचार रखे। सहायक निदेशक (उद्यान) श्री मुकेश गहलोत ने बताया कि जिला मुख्यालय सहित ब्लॉक मुख्यालयों पर भी यह कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्होंने अभियान की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी और सरकार की योजनाओं के बारे में बताया। इस अवसर पर श्री चतुर्भुज मेघवाल, श्री शिवकरण कूकणा, श्री हनुमानदास स्वामी, श्री जसविंदर सिंह, श्री मेघसिंह राजपुरोहित और श्री मनजीत सिंह आदि नवाचारी किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों के बारे में बताया।

बोर्ड अध्यक्ष श्री सुथार और जिला कलक्टर ने ग्यारह नवाचारी किसानों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। विभाग द्वारा सूक्ष्म सिंचाई संयंत्रों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई। इसके लिए मैसर्स पिस्तादेवी किसान केन्द्र और मैसर्स पवन पॉलीटेक्स प्रालि को सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री कार्यालय से अभियान समन्वयक सुश्री शालिनी जैन, कृषि विभाग के उपनिदेशक श्री प्रेमाराम, सहायक निदेशक श्री सुरेन्द्र मारू सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रगतिशील किसान एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। संयुक्त निदेशक (कृषि) श्री मदनलाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला का संचालन सहायक निदेशक उद्यान श्री मुकेश गहलोत ने किया। कार्यक्रम के अंत में श्री सुथार और जिला कलेक्टर सहित अन्य अतिथियों ने पौधारोपण किया।
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Gordhan Soni

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