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आंधी के कारण क्षतिग्रस्त पोल अविलम्ब करें दुरूस्त, खाद्य सामग्री की नमूनीकरण कार्यवाही में लाएं गति

अतिरिक्त कलक्टर (प्रशासन) की अध्यक्षता में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित

बीकानेर, 1 जून। अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) श्री उम्मेद सिंह रतनू ने कहा कि शनिवार के आई आंधी के कारण जिलेभर क्षतिग्रस्त हुए विद्युत पोल सर्वोच्च प्राथमिकता से दुरूस्त किए जाएं। विद्युत निगम की टीमें अंतिम पोल ठीक होने और विद्युत सप्लाई बहाल होने पर फील्ड में रहें।
श्री रतनू ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शनिवार को आई आंधी से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी संख्या में पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। विद्युत निगम के उच्चाधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी के साथ इन्हें प्राथमिकता से ठीक करवाएं, जिससे आमजन को राहत मिल सके। उन्होंने नहरबंदी के पश्चात पेयजल सप्लाई की समीक्षा की और कहा कि बीकानेर शहर के नत्थूसर गेट और गंगाशहर के अंतिम क्षेत्रों में सुचारू पेयजल सप्लाई सुनिश्चित की जाए।
अतिरिक्त कलक्टर (प्रशासन) ने कहा कि नहरबंदी के बाद पेयजल के अधिक से अधिक नमूने लें तथा सप्लाई के क्षेत्रवार समय को प्रचारित करें, जिससे आमजन सजगता से जल भंडारण कर सकें। उन्होंने ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान के तहत अधिक से अधिक खाद्य पदार्थों के नमूने लेने तथा मुखबिर तंत्र को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान की भावना और आवंटित लक्ष्यों के अनुसार नमूनीकरण की कार्यवाही हो, यह सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को लक्ष्य आवंटित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सौ दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा की और इसका प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। आरएसआरडीसी किए जा रहे कार्यों की प्रगति जानी और गुणवत्ता के साथ समयबद्ध कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीबीएम अस्पताल से लेकर उप स्वास्थ्य केन्द्र तक हीटस्ट्रोक और जल जनित बीमारियों के उपचार की समुचित व्यवस्थाएं नॉर्म्स के अनुसार हों। कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान की प्रगति जानी।
अतिरिक्त कलक्टर ने पंच गौरव अभियान, ई-फाइलिंग, संपर्क पोर्टल के प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति, जनगणना से जुड़े कार्यों के बारे में जाना। विभिन्न फ्लेगशिप योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान प्रशिक्षु आइएएस मनु गर्ग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून तक बढ़ी

बीकानेर, 1 जून। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं में आवेदन एवं संस्थागत प्रक्रियाओं की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। विभाग के संयुक्त निदेशक एल.डी. पंवार ने बताया कि अब विद्यार्थी व शिक्षण संस्थान संबंधित प्रक्रियाएं 30 जून 2026 तक पूरी कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि राज्य की राजकीय एवं निजी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं के पंजीयन/नवीनीकरण, कोर्स मैपिंग, मान्यता, पाठ्यक्रमवार फीस स्ट्रक्चर अपडेट तथा विद्यार्थियों द्वारा पेपरलेस ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया निर्धारित समय तक जारी रहेगी। आवेदन वेबसाइट http://www.sjmsnew.rajasthan.gov.in/scholarship तथा SJED APPLICATIONS मोबाइल ऐप के माध्यम से किए जा सकेंगे।

उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को आवेदन से पूर्व आवश्यक दस्तावेज जैसे जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, आय घोषणा पत्र आदि अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही शिक्षण संस्थानों को भी पोर्टल पर शैक्षणिक सत्र 2025-26 की मान्यता एवं पाठ्यक्रम संबंधी जानकारी समय पर अपडेट करने को कहा गया है। इससे पहले आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित थी। तिथि बढ़ने से विद्यार्थियों और संस्थानों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध होगा।

जिला बाल संरक्षण इकाई के कार्यों की समीक्षा बैठक बुधवार को

बीकानेर, 1 जून। जिला बाल संरक्षण इकाई संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक जिला कलेक्टर और जिला बाल संरक्षण इकाई अध्यक्ष श्री निशांत जैन की अध्यक्षता में 3 जून को दोपहर 1 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित होगी।

बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक श्री अरुण सिंह शेखावत ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को मंगलवार दोपहर 12 तक आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध करवाने के लिए पत्र प्रेषित किया है।

*जिला सहकारी विकास समिति की बैठक आयोजित*

*58 ग्राम पंचायतों में नई पैक्स के गठन की मिली स्वीकृति*

बीकानेर, 1 जून। जिला कलेक्टर श्री निशांत जैन की अध्यक्षता में जिला सहकारी विकास समिति की 11वीं बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को आयोजित की गई।

बैठक में जिले में सहकारिता क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण, बहुउद्देशीय सहकारी संस्थाओं के विस्तार, कृषि अवसंरचना विकास तथा विभिन्न सहकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि विकेंद्रीकृत अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में जिले की 6 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में 500 एमटी क्षमता के गोदामों के निर्माण के प्रस्ताव विभाग को प्रेषित किए गए हैं। इन गोदामों के निर्माण से किसानों को स्थानीय स्तर पर वैज्ञानिक भंडारण सुविधा उपलब्ध होगी तथा कृषि उपज के बेहतर प्रबंधन में सहायता मिलेगी।

जिले की 75 पैक्स-विहीन ग्राम पंचायतों में से 58 ग्राम पंचायतों में नई पैक्स के गठन की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। शेष ग्राम पंचायतों में भी शीघ्र पैक्स गठन की कार्यवाही पूर्ण करने हेतु उप रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां को आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए, जिससे प्रत्येक ग्राम पंचायत को सहकारिता व्यवस्था से जोड़ा जा सके।

जिला कलेक्टर ने ‘सहकार में सहकारिता’ अभियान की समीक्षा करते हुए पैक्स एवं डेयरी सहकारी समितियों को बैंक मित्र के रूप में विकसित करने पर बल दिया। इस संबंध में केन्द्रीय सहकारी बैंक एवं डेयरी संघ के माध्यम से चयनित समितियों को माइक्रो एटीएम उपलब्ध करवाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने हेतु सीसीबी प्रबंध निदेशक एवं डेयरी संघ के प्रबंध निदेशक को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

सहकारी समितियों को बहुउद्देशीय सेवा केन्द्रों के रूप में विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र, कस्टम हायरिंग सेंटर एवं कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से सहकारी समितियों की गतिविधियों का विस्तार करने तथा अधिकाधिक समितियों को इन गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अतिरिक्त कलेक्टर (प्रशासन) श्री उमेद सिंह रतनू, सहकारिता विभाग के उप रजिस्ट्रार श्री कैलाश चंद्र सैनी, केन्द्रीय सहकारी बैंक प्रबंध निदेशक श्री मोहम्मद फारूक, डेयरी संघ तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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Gordhan Soni

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