
नोखा। नोखा गांव स्थित अपना घर आश्रम द्वारा आश्रम में सेवा ले रहे 584 लावारिस प्रभुजनों के उत्तम स्वास्थ्य, आध्यात्मिक कल्याण, प्रेम, करुणा तथा नर सेवा नारायण सेवा, मानवता ही सबसे बड़ा धर्म की भावना को लेकर आश्रम में 1 जून से 7 जून तक संगीत मयी श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन हो रहा है। कथा में तीसरे दिन बुधवार को व्यास पीठ पर विराजित कथा व्यास राम स्नेही माधवदास महाराज ने विदुरजी, भक्त प्रहलाद चरित्र, कपिल ऋषी, ध्रुव-चरित्र आदि प्रसंगों की कथा अपनी अमृत मयी मधुर वाणी में सुनाते हुए बाहर से पधारे सैकड़ों नर नारी श्रोताओं और आश्रम में सेवा ले रहे सभी प्रभुजनों व आश्रम के कार्मिकों को भाव विभोर कर दिया। माधवदास महाराज ने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है आश्रम में इस पोष (सेवा ले रहे) रहे इतनी बड़ी तादाद में प्रभुजनों की सेवा करते हुए पुण्य लाभ कमा रहे है। इसी दौरा भजन— सपने में सखी देख्यो नन्द गोपाल भजन पर अनेकों प्रभुजन उछल कूदते हुए झूमने लगे। कथा के तीसरे दिन आश्रम से जुड़े व नोखा में उपकोषाधिकारी पद पर कार्यरत रमेश कुमार व्यास सपत्निक जयश्री व्यास व्यास पीठ के सामने प्रथम पंक्ति में आसीन होकर श्रीमद् भागवत कथा का रस पान किया। कथा के तृतीय दिन कन्हैयालाल करवा, मदनलाल चांडक, इन्द्रचन्द मोदी, हरीकिशन शर्मा, नोखागांव के पं० पन्नालाल दाधीच सहित अनेक गणमान्य नर-नारी ने कथा श्रवण की और व्यास पीठ से आशिर्वाद लिया। ज्ञात रहे कि वर्तमान में 584 प्रभुजी सेवा ले रहे है जिनमें मात्र 77 ही स्वस्थ है शेष सभी विभिन्न रोगों से पीड़ित है। राजस्थान पेंशनर समाज नोखा के अध्यक्ष इन्द्रचन्द मोदी ने प्रेसनोट जारी करते हुए उक्त जानकारी दी।
















