




बीकानेर। संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीबीएम में डिलीवरी के इलाज में गड़बड़ी के कारण छ: प्रसुताओं की किडनी खराब होने,व्याप्त कथित भ्रष्टाचार, अव्यवफ़स्थाओं और अनेक समस्याओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में जिले के कांग्रेसजनों का पीबीएम अस्पताल सुधारो धरना व विरोध प्रदर्शन आज दूसरे दिन भी जारी रहा। धरने को समर्थन देने व पीड़ित महिलाओं की पीड़ा जानने के लिए राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती सारिका सिंह जयपुर से बीकानेर धरना स्थल पर पहुंची। जहां बीकानेर महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष शशिकला राठौर देहात महिला अध्यक्ष शांति बेनीवाल ओबीसी महिला अध्यक्ष उमा सुथार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाए धरना स्थल पर पहुंची। उसके बाद श्रीमती सिंह महिलाओं को साथ लेकर पीड़ित महिलाओं से मिलने आईसीयू वार्ड में पहुंची और पीड़ित रोगी महिलाओं की व्यथा सुनी। बाद में महिलाओं ने सारिका सिंह के नेतृत्व में पीबीएम अस्पताल मुख्यद्वार पर चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह का पुतला फूंका।
धरना स्थल पर सम्बोधित करते हुए उन्होंने पीबीएम अस्पताल में डिलीवरी के बाद गंभीर रूप से बीमार हुई तथा जीवन-मृत्यु से संघर्ष कर रही प्रसूताओं के मामले में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की है।
सारिका सिंह ने कहा कि अस्पताल की लापरवाही के कारण आईसीयू और डायलिसिस तक पहुंची महिलाओं का इस प्रकार मजाक उड़ाना मंत्री की असंवेदनशीलता और सत्ता के अहंकार को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी विफलता छिपाने के लिए महिलाओं का अपमान करना कतई स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने मांग की कि चिकित्सा मंत्री अपने अमानवीय बयान के लिए तुरंत सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। साथ ही प्रसूताओं की किडनी खराब होने के मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
महिला कांग्रेस ने पीड़ित महिलाओं को निःशुल्क इलाज और उचित मुआवजा देने की भी मांग की है।
सरिता सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मंत्री ने माफी नहीं मांगी और पीड़ित महिलाओं को न्याय नहीं मिला, तो महिला कांग्रेस पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
जिला संगठन महासचिव प्रहलाद सिंह मार्शल ने बताया कि आज के धरने में देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग, शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल, पीसीसी सचिव शिवलाल गोदारा, भंवरलाल कूकना, श्री कृष्ण गोदारा, शर्मिला पंचारिया,शहजाद खान भुट्टा, रामदयाल बेनीवाल, आनंद सिंह सोढ़ा,रामनिवास तरड़,
पूनम चंद भाम्भू, सुमित बल्लभ कोचर,सुभाष स्वामी, शिवदान मेघवाल,सलीम भाटी, उमा सुथार, हजारीमल देवड़ा, विजय सिंह शेखावत, श्याम तंवर, अभिमन्यु जाखड़,नितिन वतस्स,मोहम्मद रमजान रंगरेज, आशा देवी स्वामी, कैलाश गहलोत हंसराज भीखाराम मेघवाल, दुर्गाराम, राजेश गोदारा, सूरजभान, दिनेश मीणा, संदीप पुनिया, रविंद्र पूनिया, श्याम कुमार, ऋषिपाल सिंह भादू, अभिषेक मेघवाल, रामेश्वर लाल जाट,सुरजाराम जाट, आसाराम, विकास, भरत, राजकुमार देवड़ा, रामरतन, भैरव रतन, नवनीत,राकेश यादव,अभिषेक शेखावत, मोहनलाल मेघवाल, ओमप्रकाश कस्वा, सीमा तनेजा, प्रेम कुमार, भंवरलाल जाट, सोनू मेघवाल, रामजस कस्वा, आसुराम चौधरी, गुलशन अली चूड़ीगर, आसाराम रोझ, प्रेमाराम मेघवाल, अर्चना सुथार, नवनीत कौर,सीता सुथार, नवीन जांगिड़,रितेश शर्मा, कैलाश गहलोत,हंसराज अमित चांवरिया,ओमप्रकाश, कमलेश, नानू, भंवराराम, प्रेम रतन जोशी, राधा कृष्ण कुकना सहित अनेक लोग शामिल हुए।












