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चिकित्सा मंत्री के बयान को लेकर यशपाल गहलोत का मुख्यमंत्री को अल्टीमेटम – मंत्री माफी मांगे, अन्यथा उच्च न्यायालय में करेगे कार्यवाही


महिलाओं के अपमान पर चुप नहीं बैठेगा बीकानेर – 7 दिन में माफी नहीं तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे”


बीकानेर संभाग का सबसे बड़ा सरकारी चिकित्सालय पीबीएम हॉस्पिटल में प्रसूताओं लगातार बिगड़ती स्थिति, किडनी फेल होने और मौतों जैसे गंभीर मामलों ने पहले ही स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। ऐसे संवेदनशील और चिंताजनक समय में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा गर्भवती महिलाओं के संदर्भ में अत्यंत आपत्तिजनक, असंवेदनशील एवं अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने पर बीकानेर शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष यशपाल गहलोत ने आज मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेज राज्य के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा गर्भवती महिलाओं के प्रति की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी जताई है। गहलोत ने इसे मातृशक्ति का अपमान बताते हुए कहा कि इस प्रकार की भाषा किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देती और यह सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करती है।

उन्होंने कहा कि एक ओर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं, पीबीएम जैसे बड़े अस्पतालों में अव्यवस्थाओं का आलम है, मरीज परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार मंत्री महिलाओं के प्रति अपमानजनक बयान देकर अपनी असंवेदनशीलता दिखा रहे हैं।

कांग्रेस नेता विकास तंवर ने बताया कि यशपाल गहलोत ने ज्ञापन के ज़रिए मुख्यमंत्री को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा कि संबंधित मंत्री 7 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, अन्यथा वे इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में विधिक कार्यवाही करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यह केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि प्रदेश की हर महिला के सम्मान का मुद्दा है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह मुद्दा जनआंदोलन का रूप ले सकता है, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी

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Gordhan Soni

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