श्रीडूंगरगढ़ निवासी कोलकाता प्रवासी भीखम चंद पुगलिया ने किया निराहार तप ।
कोलकाता तोलाराम मारू श्रीडूंगरगढ़ गोरव भामाशाह विभिन्न सामाजिक संस्थाओं में अहम् भूमिका निभाने वाले भीखमचन्द पुगलिया ने 14दिनों की निराहार तपस्या की,। सोमवार को किया पारणा।।भीखमचन्द पुगलिया का जीवन सामाजिक और आध्यात्मिक संतुलन का सटीक उदाहरण: मुनि जिनेशकुमार । हम जिस प्रकार इस बाहरी शरीर को भोजन-पानी-हवा-प्रकाश से पोषण देते हैं उसी प्रकार इस जीवन … Read more