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घर का चिराग बुझ जाने से गमगीन है परीवार पेंशनर समाज ने जताया दुख

जाने के बाद भी अपनी दोनों आंखे दान कर दो अंधे लोगों को दुनिया दिखाने का काम कर गया गजानन्द

नोखा। राजस्थान पेंशनर समाज नोखा के सदस्य खीचीयासर हाल नोखा निवासी 30 अप्रैल 2026 को सेवा निवृत हुए वरिष्ठ अध्यापक लेखराम गोदारा के इकलौते पुत्र गजानन्द का सुजानगढ़ रोड़ स्थित माडिया बस स्टैंड के पास शुक्रवार 12 जून 2026 को सांय सांडवा से नोखा आने वाली प्राईवेट बस चालक ने लापरवाही पूर्वक तेज गति से बस चलाकर मोटर साईकिल चालक गजानन्द को जोरदार टक्कर मारते हुए बुरी तरह से गंभीर रूप में घायल कर दिया। जिसे राजकीय जिला अस्पताल नोखा लाया गया जहां प्राथमिक उपचार कर बीकानेर पीबीएम अस्पताल रैफर कर दिया गया। बीकानेर में कुछ देर उपचार चला लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका सांय करीब 7 बजे उसने दम तोड़ दिया। सांय होने के कारण पोस्ट मार्टम अगले दिन शनिवार 13 जून को होने से पूर्व परिवार जनों से दोनों आंखे दान करने का आग्रह करने पर स्व० गजानन्द की माता श्रीमती कमला देवी और पिता लेखराम से नेत्र दान करने की सहमती मिलने के बाद नेत्र दान किये गये। पोस्ट मार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
ज्ञात रहे स्व० गजानन्द की शादी हुए अभी डेढ़ माह भी नहीं हुआ कि परिवार पर बहुत बड़ा पहाड़ टूट पड़ा। यह अपने माता पिता का इकलौता पुत्र था। दो शादी शुदा बहने हैं। गजानन्द और उसकी एक बहन की शादी 29 अप्रैल 2026 को हुई थी और अगले दिन 30 अप्रैल को पिता व० अध्यापक पद से सेवानिवृत हुए थे। इस दुःखद घटना पर पेंशनर समाज ने दुख जताया।

जाने के बाद भी दो लोगों को दुनिया दिखाने का काम कर गया गजानन्द। गजानन्द के परिजनों ने उसकी दोनों आंखे दान कर दी। ये आंखे दो अंधे लोगों को दुनिया दिखाती रहेगी और जिन्दा रहेगी। आंख दान की सहमति देने पर  गजानन्द की मां कमलादेवी और पिता लेखराम का आभार।

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Gordhan Soni

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