इतिहास के पन्नों से: जब 4 जुलाई 1993 को लक्ष्मीनाथ पार्क में शुरू हुआ था विकास का नया अध्याय**बीकानेर।श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर विकास एवं पर्यावरण समिति के प्रयासों से आज से *33 साल पहले, 4 जुलाई 1993* को श्री लक्ष्मीनाथ जी पार्क में विकास की एक नई इबारत लिखी गई थी। समिति द्वारा आयोजित *वृक्षारोपण एवं श्रमदान शिविर* के साथ ही *बाल वाटिका* और वर्षों से बंद पड़े *फव्वारे का पुनर्निर्माण कर शुभारंभ* किया गया था।तत्कालीन नगर निगम, बीकानेर के सहयोग से पार्क में बच्चों के लिए झूले लगाए गए और “बाल उद्यान” विकसित किया गया। समिति के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने श्रमदान कर पार्क में सघन वृक्षारोपण किया, जिसने आज इस पार्क को शहर का एक हरा-भरा स्थल बना दिया है।इस ऐतिहासिक आयोजन में तत्कालीन *जिला कलेक्टर राम खिलाड़ी मीणा*, नगर परिषद प्रशासक *बी.एन. अग्निहोत्री* तथा एसबीबीजे के सहायक महाप्रबंधक *कुमार सिंह बघेल* अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। प्रशासन और जनता के साझा प्रयासों से शुरू हुआ यह सफर आज भी जारी है।समिति के सचिव *सीताराम कच्छावा* के अनुसार, 4 जुलाई की तारीख समिति के लिए बेहद खास है। इसी दिन की याद को ताजा रखने और पार्क को और बेहतर बनाने के लिए हर साल *4 जुलाई को श्रमदान एवं सफाई अभियान* चलाया जाता है।















