नागरिक सुरक्षा/सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों को 365 दिन का रोजगार, कर्मचारी का दर्जा, PF, पेंशन व बीमा देने की मांग को लेकर समाजसेवी श्री मंगल प्रजापत ने मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा को 16 सूत्रीय मांग पत्र डाक द्वारा भेजा है।
श्री प्रजापत ने कहा कि आग, भूकंप, बाढ़, कोविड-19 और ऑपरेशन सिंदूर में अपनी जान दांव पर लगाने वाले इन जवानों को 1968 की नियमावली के कारण सिर्फ “वॉलंटर” माना जाता है। न निश्चित रोजगार है, न पेंशन, न बीमा, न मुआवजा नीति।
**ज्ञापन की 16 प्रमुख मांगें:**
**रोजगार व दर्जा**: 365 दिन का रोजगार देकर केंद्र/राज्य कर्मचारी का दर्जा। PF, पेंशन, बीमा व सरकारी योजनाओं का लाभ। ड्यूटी में मृत्यु/अपंगता पर 50 लाख + 1 आश्रित को नौकरी। ड्यूटी के बाहर 25 लाख + नौकरी। मानदेय में हर साल 10% स्वतः वृद्धि।
**संरचना व तैनाती**: नागपुर प्रशिक्षित सीनियर वॉलंटर को खाली पदों पर स्थायी नियुक्ति। हर राज्य, जिला, तहसील में टीम। हर पुलिस स्टेशन में कंट्रोल रूम। हर 50 KM पर 24×7 अलर्ट टीम। 3 साल में सदस्यता नवीनीकरण समाप्त।
**संसाधन व अधिकार**: गांव-तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम, सायरन बाइक, बस, नाव, फायर गाड़ी, एम्बुलेंस, वॉकी-टॉकी। नागरिक सुरक्षा अधिनियम 1968 के अनुसार वार्डन को कानूनी शक्तियां। सड़क सप्ताह में चेक पोस्ट का अधिकार।
**कार्यक्षेत्र व बजट**: रेलवे, रोडवेज, एयरपोर्ट, मेट्रो, अस्पताल, मेला, सरकारी ऑफिस में तैनाती। मानव निर्मित आपदा बढ़ने से बजट में वृद्धि। मिलावट रोकने के लिए जिला कलेक्टर के अधीन जांच टीम। हर जिले में ट्रेनिंग सेंटर। मॉक ड्रिल हेतु अलग बजट।
श्री प्रजापत ने कहा “रेलवे कुली और पैरा टीचर स्थायी हो सकते हैं तो देश सेवा करने वाले इन जवानों को भी न्याय मिलना चाहिए। स्थायी दर्जा से मनोबल बढ़ेगा और ये देशहित में और मजबूती से काम कर पाएंगे।”

















