Bikaner Live

समाज सेवी स्व.चंपालाल डागा की स्मृति में
वृद्ध आश्रम में निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर
वृद्धजन दांतों के प्रति सचेष्ट रहे-डॉ.सोनम राय

बीकानेर, 6 जुलाई। सोफिया स्कूल के पास स्थित शांति निवास वृद्ध आश्रम में सोमवार को समाज सेवी, भामाशाह व धर्म निष्ठ श्रावक चंपालाल डागा की स्मृति में निःशुल्क दंत चिकित्सा एवं परामर्श शिविर आयोजित किया गया। शिविर में दंत रोग विशेषज्ञ जयनारायण व्यास कॉलोनी में महाराणा प्रताप पार्क के पास स्थित स्माइल केयर डेंटल एवं इम्पलांट केन्द्र की संचालक डॉ.सोनम राय ने रोगियों की निःशुल्क जांच कर उन्हें दवा,टूथ ब्रुश व पेस्ट प्रदान किया।
मुख्य अतिथि दयानंद पब्लिक स्कूल की पूर्व प्राचार्य , शिक्षाविद अलका डॉली पाठक, डॉ.सोनम राय व वृद्ध आश्रम की सिस्टर तथा वृद्ध महिला व पुरुषों ने स्वर्गीय चंपालाल डागा के सेवा कार्यों का स्मरण करते हुए उन्हें पुष्पांजलि दी। सभी ने कहा कि वृद्ध आश्रम में स्वर्गीय डागा का अनुकरणीय सहयोग रहा है। वृद्ध आश्रम के पूर्व सचिव शिव सोनी ने स्वर्गीय डागा का परिचय व उनकी निष्काम भाव की सेवाओं की जानकारी दी।
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनम राय ने वृद्धजनो के साथ उदासर व आस पास के क्षेत्रों से आए करीब 37 रोगियों की दांतों की जाच की तथा उन्हें उचित परामर्श दिया। उन्होंने अपने क्लिनिक में 7 महिला व पुरुषों के दांतों को निःशुल्क निकालने व आधुनिक तरीके से इलाज के लिए चयनित किया तथा वृद्ध आश्रम के प्रत्येक महिला पुरुष का निःशुल्क इलाज, जांच व परामर्श का संकल्प दोहराया।
उन्होंने परामर्श के दौरान कहा कि बुजुर्गों के शरीर के अन्य अंगों की तरह दांत भी घिसते-पिटते खराब हो जाते है। दशकों तक चबाने, पीसने, भोजन व पेय पदार्थों का उपयोग करने से दांतों की प्राकृतिक सुरक्षात्मक परत, एनामेल घिस सकती है या घुलसकती है। एनामेल के कमजोर होने पर दांत का नरक अंदरूनी हिस्सा उजागर हो सकता है, जिससे दर्द या संक्रमण हो सकता है। यह संक्रमण कुछ समय तक धीरे-धीरे बढ़ता रहता है और अंत में इसका इलाज करने के लिए केवल रूट कैनाल या दांत को पूरी तरह निकालने जैसी जटिल प्रक्रियाओं की आवश्यकता रहती है। दांत के खराब होने से मसूड़ों, जीभ व मुख तथा संक्रमण से अनेक बीमारियां हो सकती है। दांतों की खराब होने से हृदय व मस्तिष्क भी प्रभावित होता है। दांतों के क्षय, सड़न व सूजन तथा नुकसान होने, मुंह सूखने आदि बीमारियों के प्रति सचेष्ठ रहना जरूरी है। नियमित चिकित्सक से दांतों की जांच करवावें, रोजाना दांतों को साफ करें, ऐसे खाद्य पदार्थों का उपयोग नहीं करें जिससे मुंह के स्वास्थ्य को खतरा हो। धूम्रपान व नशे की प्रवृति का त्याग करें। किसी वृद्धजन के कृत्रिम दांत लगे हो तो रातभर किसी हलके घोल में भिगोकर रखे तथा साफ होने पर लगाए। उपयोग होने के बाद पुनः धोकर उपयोग करें ।

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Gordhan Soni

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