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राजस्थानी मोट्यार परिषद की अनोखी मुहिम बीकानेर के मंत्री सहित सातों विधायकों के हस्ताक्षर का ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा

राजस्थानी मोट्यार परिषद बीकानेर की टीम ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तैयार किया जिसमें राजस्थानी भाषा को अनुच्छेद :-345 के तहत राजभाषा का दर्जा दिलाने व महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में राजस्थानी विभाग को स्थाई विभाग खोलने की मांग प्रमुखता से की गई। इस ज्ञापन में बीकानेर के कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा सहित सभी सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के विधायकों के हस्ताक्षर करवाकर इस ज्ञापन को मुकेश दाधिच प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा के हाथों माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सौंपा गया।
ज्ञापन संयोजक व मोट्यार परिषद के कोषाध्यक्ष राजेश चौधरी ने बताया कि सभी विधायकों ने कहा कि राजस्थानी भाषा हमारी मातृभाषा है और हम सब राजस्थानी भाषा के लिए हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े मिलेंगें।
ज्ञापन सह संयोजक व मोट्यार परिषद के प्रदेश महासचिव प्रशान्त जैन ने बताया कि बीकानेर के सभी विधायक अपनी मातृभाषा राजस्थानी से प्रेम करते हैं, जनता से बातचीत एवं भाषण भी मायड़ भाषा राजस्थानी में देते हैं इसलिए सभी विधायकों ने राजस्थानी मोट्यार परिषद की टीम को आश्वासन एवं भरोसा दिया की हम सभी विधायक-गण इस विषय को लेकर माननीय मुख्यमंत्री जी से मिलकर बात करेंगे।
मोट्यार परिषद के जिलाध्यक्ष हिमांशु टाक ने बताया कि महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में राजस्थानी विभाग सन् 2018 से (स्वंय वित्त पोषित) के रुप में चल रहा है और राजस्थानी में एम ए करने वाले विधार्थियों को करीब 15000 रुपए फीस देनी पडती हैं, अतः सरकार को जल्द से जल्द सातों विधायकों की मांग को पूरा करना चाहिए। मोट्यार परिषद के रविन्द्र जाजड़ा ने कहा कि राजस्थान सरकार को जल्द ही अनुच्छेद:- 345 के तहत राजस्थानी भाषा को प्रदेश की राजभाषा का दर्जा दे देना चाहिए। मोट्यार परिषद की इस मुहिम में हरि राम विश्नोई, गौरीशंकर प्रजापत,नमामि शंकर आचार्य,कमल किशोर मारु, रामावतार उपाध्याय, रमेश जोशी , सुनील विश्नोई, एडवोकेट राजेश कडवासरा, मदन दान दासौड़ी, नारायण उपाध्याय, भवानी सिंह तंवर, विनोद माली आदि शामिल थे ।

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Gordhan Soni

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