
जयपुर/बीकानेर। राजस्थान में लंबे समय से प्रतीक्षित नगरीय निकाय चुनाव 2026 का आखिरकार ऐलान हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को प्रदेश के शहरी निकायों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी। चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे। पहले चरण में 9 सितंबर 2026 और दूसरे चरण में 11 सितंबर 2026 को मतदान होगा। वहीं 14 सितंबर को मतगणना कर चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि यह चुनाव प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में कराया जाएगा। इनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं। इन निकायों में कुल 10,245 वार्डों में पार्षदों का निर्वाचन होगा।
1 करोड़ 44 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे मतदान
निकाय चुनाव में प्रदेशभर के करीब 1 करोड़ 44 लाख 3 हजार 853 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव को लेकर बड़े स्तर पर मतदान केंद्र और सुरक्षा व्यवस्था तैयार की जा रही है। मतदान के लिए ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा। नगर निगमों में भारत निर्वाचन आयोग की ईवीएम और अन्य क्षेत्रों में निर्धारित ईवीएम मशीनों का उपयोग किया जाएगा।
9 और 11 सितंबर को मतदान
राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में होंगे।
पहला चरण — 9 सितंबर 2026
दूसरा चरण — 11 सितंबर 2026
मतगणना — 14 सितंबर 2026
मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक रहेगा।
27 अगस्त को जारी होगी चुनाव अधिसूचना
चुनाव प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत 27 अगस्त 2026 को अधिसूचना जारी होने के साथ होगी। इसके बाद उम्मीदवारों के नामांकन सहित चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। निकाय प्रमुखों के चुनाव के लिए अलग प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम के अनुसार निकाय प्रमुखों के चुनाव के लिए चुनाव चिन्ह आवंटन 18 सितंबर को किया जाएगा।
पार्षद चुनने के बाद होंगे निकाय प्रमुखों के चुनाव
इस बार पहले चरण में नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं के वार्डों में पार्षदों का चुनाव होगा। इसके बाद निर्वाचित पार्षदों के माध्यम से संबंधित निकायों के प्रमुखों का निर्वाचन कराया जाएगा। नगर निगमों में महापौर, नगर परिषदों में सभापति और नगरपालिकाओं में अध्यक्ष का चुनाव होगा।
निकाय प्रमुखों के चुनाव के लिए 21 सितंबर को चुनाव तथा 22 सितंबर को उपाध्यक्ष पद के चुनाव कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
309 निकायों में 10,245 पार्षद पद
प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में कुल 10,245 पार्षद पदों पर चुनाव होंगे। आरक्षण व्यवस्था के तहत बड़ी संख्या में वार्ड विभिन्न आरक्षित श्रेणियों में रखे गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 1,933 वार्ड ओबीसी, 1,794 वार्ड एससी और 395 वार्ड एसटी के लिए आरक्षित हैं। वहीं कुल 3,356 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।
कुल 6,123 वार्ड अनारक्षित रखे गए हैं। इनमें सामान्य यानी ओपन श्रेणी के वार्ड तथा अनारक्षित महिला वार्ड शामिल हैं। इससे इस बार बड़ी संख्या में नए चेहरे चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।
आचार संहिता लागू, नए विकास कार्यों पर रोक
चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसके चलते चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक सरकार, स्थानीय निकाय और संबंधित विभाग नए विकास कार्यों की घोषणा नहीं कर सकेंगे। नए कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी करने पर भी रोक रहेगी।
हालांकि, जो विकास कार्य पहले से स्वीकृत हैं और जिन पर काम चल रहा है, उन्हें निर्धारित नियमों के तहत जारी रखा जा सकेगा।
सुरक्षा व्यवस्था भी रहेगी कड़ी
निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए बड़े स्तर पर पुलिस बल और चुनाव कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार चुनाव प्रक्रिया में करीब 1.15 लाख कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 98,790 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद चुनाव कार्यक्रम
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव लंबे समय से लंबित थे। चुनाव प्रक्रिया में देरी को लेकर मामला राजस्थान हाईकोर्ट तक पहुंचा था। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को स्थानीय निकायों के चुनाव निर्धारित समय सीमा में कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद वार्ड परिसीमन, मतदाता सूची और आरक्षण संबंधी प्रक्रियाओं को पूरा किया गया और अब राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है।
बीकानेर सहित प्रदेशभर में बढ़ी राजनीतिक हलचल
चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही बीकानेर सहित प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। वार्डों के आरक्षण की स्थिति पहले ही सामने आ चुकी है। अब राजनीतिक दलों के साथ-साथ संभावित प्रत्याशियों ने भी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं।
वार्डवार समीकरण, आरक्षण, स्थानीय मुद्दे और प्रत्याशियों के चयन को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ने की संभावना है। टिकट के दावेदारों ने पार्टी स्तर पर संपर्क शुरू कर दिया है, वहीं कई संभावित उम्मीदवार अपने-अपने वार्डों में जनसंपर्क बढ़ाने की तैयारी में जुट गए हैं।
अब राजस्थान के शहरी निकायों में चुनावी मुकाबले का मंच पूरी तरह तैयार है। 9 और 11 सितंबर को जनता अपने वार्ड के पार्षद चुनेगी और 14 सितंबर को परिणाम सामने आएंगे।














