बीकानेर। राजस्थान में लंबे समय से चल रही नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों को अब अंतिम रूप मिल गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2026 के नगरीय निकाय आम चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है। प्रदेश में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के चुनाव दो चरणों में 9 सितंबर और 11 सितंबर 2026 को कराए जाएंगे। बीकानेर नगर निगम में 11 सितंबर को मतदान होगा। चुनाव परिणाम 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे।
बीकानेर संभाग में चुनावी सरगर्मी तेज
बीकानेर संभाग में बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले आते हैं। इन चारों जिलों के नगरीय क्षेत्रों में चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब संभावित प्रत्याशियों ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
आरक्षण सूची सामने आने के बाद कई वार्डों में पुराने दावेदारों के साथ नए चेहरों ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। राजनीतिक दलों में टिकट को लेकर मंथन का दौर शुरू हो गया है और स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क अभियान भी तेज होने की संभावना है।
11 सितंबर को बीकानेर नगर निगम की परीक्षा
बीकानेर शहर के लिए सबसे बड़ी राजनीतिक गतिविधि 11 सितंबर को होगी। इसी दिन बीकानेर नगर निगम के वार्डों के लिए मतदाता अपने पार्षद चुनने के लिए मतदान करेंगे। चुनाव कार्यक्रम सामने आने के साथ ही शहर के वार्डों में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं।
वार्ड आरक्षण के बाद कई मौजूदा पार्षदों के सामने नए समीकरण बने हैं, जबकि कुछ वार्डों में नए दावेदारों को मौका मिलने की उम्मीद है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए प्रत्याशी चयन सबसे बड़ी चुनौती रहेगा।
आरक्षण के बाद बदले चुनावी समीकरण
निकाय चुनाव से पहले वार्डों और निकाय प्रमुख पदों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। आरक्षण के कारण कई वार्डों में दावेदारों को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है। बीकानेर संभाग में भी अलग-अलग निकायों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के लिए सीटों का आरक्षण तय किया गया है।
आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद राजनीतिक दल अब संभावित प्रत्याशियों की सामाजिक और राजनीतिक पकड़ के साथ-साथ पिछले चुनाव के प्रदर्शन और स्थानीय मुद्दों को भी ध्यान में रखेंगे।
प्रदेश में 309 नगरीय निकायों में चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में चुनाव होंगे। इनमें कुल करीब 1.44 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव के लिए लगभग 7,500 वार्डों और 16,465 मतदान केंद्रों पर मतदान की व्यवस्था की गई है। मतदान ईवीएम के माध्यम से कराया जाएगा। (
यह चुनाव प्रदेश में स्थानीय सरकारों के गठन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं में नए बोर्ड बनने के बाद स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों, सफाई, सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण और यातायात जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
9 सितंबर को पहला चरण, 11 सितंबर को दूसरा चरण
चुनाव आयोग ने मतदान के लिए दो चरण तय किए हैं।
पहला चरण — 9 सितंबर 2026
दूसरा चरण — 11 सितंबर 2026
इसके बाद 14 सितंबर 2026 को मतगणना और परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
आचार संहिता लागू, प्रशासन अलर्ट
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
चुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल, सरकारी घोषणाओं और राजनीतिक गतिविधियों पर आयोग की निगरानी रहेगी। प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
बीकानेर में बढ़ेगी राजनीतिक हलचल
बीकानेर नगर निगम चुनाव की तारीख सामने आने के बाद शहर की राजनीति में आने वाले दिनों में और तेजी आने की संभावना है। टिकट के दावेदार अपने-अपने स्तर पर पार्टी नेतृत्व तक पहुंच बनाने में जुटेंगे। वार्डों में स्थानीय स्तर पर बैठकों और जनसंपर्क का दौर भी तेज होगा।
बीकानेर शहर में इस बार सफाई व्यवस्था, सड़कें, सीवरेज और नालियां, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण, यातायात व्यवस्था, आवारा पशु और शहर के विकास जैसे स्थानीय मुद्दे चुनावी बहस का हिस्सा बन सकते हैं।
जनता के लिए भी अहम चुनाव
नगर निकाय चुनाव सीधे तौर पर शहर की रोजमर्रा की सुविधाओं से जुड़े होते हैं। पार्षद वार्ड स्तर पर नागरिकों की समस्याओं को नगर निगम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में मतदाताओं के सामने इस बार स्थानीय समस्याओं और प्रत्याशियों की कार्यक्षमता के आधार पर निर्णय लेने का अवसर होगा।
बीकानेर सहित पूरे संभाग में अब चुनावी माहौल धीरे-धीरे तेज होने लगा है। आरक्षण के बाद जहां कई दावेदारों की उम्मीदों को झटका लगा है, वहीं नए चेहरों के लिए राजनीतिक मैदान खुला है।
कुल मिलाकर बीकानेर संभाग में नगरीय निकाय चुनाव अब निर्णायक चरण में पहुंच गए हैं। 9 सितंबर के पहले चरण और 11 सितंबर के दूसरे चरण के मतदान के बाद 14 सितंबर को परिणाम सामने आएंगे। बीकानेर नगर निगम के लिए 11 सितंबर का दिन शहर की अगली स्थानीय राजनीतिक तस्वीर तय करेगा।













