
विशेषज्ञों ने युवाओं को ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बनने के लिए किया प्रेरित
विद्यार्थियों को स्टार्टअप, स्वरोजगार, डिजिटल मार्केटिंग, वित्त प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
बीकानेर, 21 अगस्त। विश्व उद्यमिता दिवस के अवसर पर राजकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय, बीकानेर में शुक्रवार को एक दिवसीय ‘उद्यमिता एवं स्वरोजगार कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया, बाजार विश्लेषण, वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल माध्यमों के उपयोग, कौशल विकास तथा केंद्र और राज्य सरकार की उद्यमिता संबंधी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमशीलता की भावना विकसित करना और उन्हें नौकरी की तलाश तक सीमित रहने के बजाय स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रेरित करना था। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि बदलते आर्थिक और तकनीकी परिवेश में स्वरोजगार तथा स्टार्टअप युवाओं के लिए रोजगार प्राप्त करने के साथ ही दूसरों को रोजगार देने का भी प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।
मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के प्राचार्य के.के. सुथार, जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक मंजू नैण गोदारा तथा उपस्थित विशेषज्ञों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
प्राचार्य के.के. सुथार ने अतिथियों एवं विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए विश्व उद्यमिता दिवस की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिए तकनीकी शिक्षा के साथ उद्यमिता संबंधी व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करना भी आवश्यक है। स्वरोजगार के माध्यम से युवा आत्मनिर्भर बनकर देश और प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्थापित करें उद्यम
जिला उद्योग केंद्र, बीकानेर की महाप्रबंधक मंजू नैण गोदारा ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा उद्यमियों के लिए संचालित विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को उद्यम स्थापित करने के दौरान मिलने वाली सहायता, प्रोत्साहन और उपलब्ध संसाधनों के बारे में बताया।
गोदारा ने विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान भी किया। उन्होंने कहा कि जानकारी और उचित मार्गदर्शन के अभाव में कई युवा अपना व्यावसायिक विचार धरातल पर नहीं उतार पाते। युवाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाना चाहिए।
व्यवसाय विस्तार में डिजिटल माध्यमों की अहम भूमिका
जिला उद्योग केंद्र की संयुक्त निदेशक दिव्या शर्मा ने उद्यमशीलता के क्षेत्र में डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से छोटे उद्यमी भी अपने उत्पादों और सेवाओं को बड़े बाजार तक पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन प्रचार, ई-कॉमर्स और तकनीक आधारित व्यावसायिक व्यवस्थाओं की उपयोगिता से अवगत कराया। शर्मा ने कहा कि वर्तमान दौर में किसी भी व्यवसाय की सफलता के लिए डिजिटल माध्यमों की समझ बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
कौशल विकास के उपयोगी पाठ्यक्रमों की दी जानकारी
एनआईईएलआईटी, बीकानेर के संयुक्त निदेशक कपिल नयाल ने विद्यार्थियों को कौशल विकास से संबंधित विभिन्न उपयोगी पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने तकनीक और बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने पर जोर दिया।
नयाल ने विद्यार्थियों के साथ नए व्यावसायिक विचारों पर चर्चा करते हुए कहा कि अच्छी शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल और नवीन सोच युवाओं को सफल उद्यमी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार कौशल विकसित कर व्यावसायिक अवसरों की पहचान करनी चाहिए।
विद्यार्थियों ने समझी स्टार्टअप स्थापित करने की प्रक्रिया
आई-स्टार्ट राजस्थान सरकार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के जिला इन्क्यूबेशन केंद्र, बीकानेर के डोमेन एक्सपर्ट बिपुल कुमार ने स्टार्टअप स्थापित करने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।
उन्होंने व्यावसायिक विचार का चयन करने, उसकी उपयोगिता का मूल्यांकन करने, उचित योजना तैयार करने, पंजीकरण करवाने, वित्तीय संसाधन जुटाने और बाजार तक पहुंच बनाने से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा स्टार्टअप को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया।
बिपुल कुमार ने आई-स्टार्ट के अंतर्गत आयोजित होने वाली ‘राजस्थान स्टार्टअप क्वेस्ट’ और ‘आइडियाथॉन’ जैसी प्रतियोगिताओं की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को इनमें भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि ऐसी प्रतियोगिताएं युवाओं को अपने नवीन विचार विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करने और उन्हें व्यावसायिक स्वरूप देने का अवसर प्रदान करती हैं।
‘नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें युवा’
कार्यक्रम समन्वयक एवं सहायक निदेशक प्रशिक्षण प्रशांत जोशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को केवल ‘जॉब सीकर’ यानी नौकरी तलाशने वाला बनने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें ‘जॉब क्रिएटर’ यानी दूसरों को रोजगार देने वाला बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सफल उद्यमी बनने के लिए नवीन सोच, निरंतर सीखने की इच्छा, बाजार की समझ, उचित योजना और जोखिम उठाने का साहस आवश्यक है। तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के पास अनेक व्यावसायिक अवसर मौजूद हैं। सही मार्गदर्शन और सरकारी सहायता के माध्यम से वे अपने विचारों को सफल उद्यम में बदल सकते हैं।
विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग
कार्यशाला में संस्थान के संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से स्टार्टअप, स्वरोजगार, सरकारी सहायता, प्रशिक्षण, डिजिटल मार्केटिंग और व्यवसाय संचालन से संबंधित प्रश्न पूछे।
कार्यक्रम में मेजर एस.एल. राठी, प्रशांत जोशी प्रवक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, फरोग नज्म उस्ता प्रवक्ता मैकेनिकल, किरण कुमारी प्रवक्ता विद्युत, नविंदु स्वामी प्रवक्ता सिविल और महिपाल सिंह प्रवक्ता फिजिक्स सहित संस्थान के संकाय सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन कमलप्रीत कौर ने किया। अंत में असिस्टेंट ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट अधिकारी कपिल ज्याणी ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञ वक्ताओं, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।




















