
नोखा चातुर्मास सत्संग समिति द्वारा आयोजित चातुर्मास वाल्मिकी रामायण कथा के दौरान भौम प्रदोष के दिन 70 पार्थिव शिवलिंगों की 200 श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की
नोखा। यहाँ लाहोटी चौक वीर हनुमान मंदिर के समीपी चातुर्मास सत्संग समिति नोखा के अयोध्या धाम विशाल पांडाल में आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा 29 जुलाई से 20 अक्टूबर तक आयोजित हो रहे भव्य चातुर्मास वाल्मिकी कथा व शतमुख कोटि होमात्मक अद्भुत चंडी महायज्ञ एवं श्रावण मास में भगवान शंकर की विशेष पूजा हर रोज प्रातः 8 बजे से 10 बजे तक विद्वान पंडितों आचार्यजी के सानिध्य एवं मंत्रोच्चार के साथ विधि विधान से हो रही है। श्रावण मास के अंतिम चौथे सोमवार को श्री आचार्यजी सहित 5 विद्वान पंडितों द्वारा 97 पार्थिव शिवलिंगों की 350 भक्तों द्वारा सामूहिक पूजा अर्चन किया गया। इसी प्रकार 25 अगस्त भौम प्रदोष मंगलवार को प्रातः 8 बजे से 10 बजे तक 70 पार्थिव शिवलिंगों की करीब 200 शिव भक्तों द्वारा पूजा अर्चना की गई। पूजा अर्चना पश्चात शिवलिंगों का विसर्जन किया गया।
सायं करीब 3:30 बजे परम पूज्य ब्रह्मानन्द सरस्वती महाराज (दंडी स्वामी) ने बड़ी तादाद में उपस्थित नर-नारी दर्शक श्रोताओं को वाल्मिकी रामायण कथा का रसास्वादन करवाते हुए भाव विभोर कर दिया। सायं 5:30 बजे प्रदोष काल में भगवान शंकर की पूजा अर्चना व प्रदोष की कथा सुनाई गई।
चातुर्मास सत्संग समिति के मीडिया प्रभारी इन्द्रचन्द मोदी ने प्रेसनोट जारी करके बताया कि कथा के बाद हर रोज श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया जाता है। समिति के दामोदर तिवाड़ी, गिरधारी पारीक, प्रहलाद मोहता, गोपाल मोहता, जुगल लोहिया, पवन चांडक व्यवस्थाओं को संभाल रहे हैं।













