
नोखा। यहाँ लाहोटी चौक वीर हनुमान मंदिर के समीप अयोध्या धाम में सत्संग समिति नोखा की ओर से 29 जुलाई से 20 अक्टूबर तक आयोजित हो रहे चातुर्मास महोत्सव के पावन अवसर पर श्री वाल्मीकि रामायण कथा एवं विशेष शारदीय नवरात्रा में शतमुख कोटि होमात्मक आभुत चण्डी महायज्ञ एवं नवरात्रि में सामूहिक रामायण पाठ का भव्य एवं दिव्य आयोजन कथा व्यास अनन्त श्री विभूषित परम पूज्य दण्डी स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती महाराज (वृंदावन) के सानिध्य में हो रहा है। महाराज श्री के मुख से 29 जुलाई से सांय 4 बजे से 6 बजे तक हो रही श्री वाल्मीकि रामायण कथा के 35वें दिन मंगलवार 1 सितम्बर को खचाखच भरे पांडाल में हजारों की तादाद में उपस्थित नर-नारी, दर्शक, श्रद्धालु श्रोताओं वाल्मीकि रामायण कथा महा यज्ञ में डुबकियां लगाते हुए भाव-विभोर कर रहे हैं। साथ-साथ ही सनातन धर्म के बारे में भी प्रवचन कर रहे हैं।
सुन्दर काण्ड के माध्यम से आगे बढ़ते हुए महाराज जी ने कहा कि इस परिवर्तनशील संसार में सनातन धर्म का पालन करना, संत-महात्माओं के सानिध्य में उनके द्वारा दिए गए उपदेशों और बताये गए मार्गों का मनन करने से मन में, चित्त में, हृदय में चेतना जागृत होती है। हमें भगवान की भक्ति व सत्संग से अपने जीवन का कल्याण करना है। भगवान का नाम लेने मात्र से ही कल्याण हो जाता है इसलिए ऐसा धन कमाओ जो यहाँ भी और आगे (परलोक) भी काम आये। हम छोटी सी सामान्य यात्रा के लिए अनेकों प्रकार की तैयारियां करते हैं जो कुछ समय/दिनों के लिए है, संसार की यह यात्रा यही रह जायेगी लेकिन हम लोग हमारे जीवन की असली यात्रा की तैयारी नहीं कर रहे हैं।
महाराज श्री ने सचेत करते हुए कहा कि सत्संग करना चाहिए और चातुर्मास में तो अवश्य करना चाहिए। समिति के मीडिया प्रभारी इन्द्रचंद मोदी द्वारा जारी प्रेस नोट में बताया कि महाराज श्री ने आयोजन समिति के कार्यकलापों और व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि समिति द्वारा श्रावण माह में भगवान शिव की विधिवत पूजा सम्पन्न हुई, कथा हो रही है, आगे यज्ञ, सामूहिक रामायण पाठ आदि भी होंगे। श्रोताओं को यह अवसर मिला है इसका लाभ उठाना चाहिए।
समिति के दामोदर तिवाड़ी, प्रहलाद मोहता, गिरधारी पारीक, गोपाल मोहता, जुगल लोहिया, नारायण राठी, रमेश मालाणी आदि व्यवस्था पर नजर रख रहे हैं।













