महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में युवा संवाद आयोजित
बीकानेर, 10 सितंबर। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय एवं प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने तथा युवा प्रतिभाओं को अपनी सोच, नेतृत्व क्षमता, नवाचार एवं रचनात्मक विचारों को प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में गुरुवार को विकसित भारत युवा लीडर्स डायलॉग 2027 के अंतर्गत युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों एवं युवाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रशांत जोशी एवं सह-समन्वयक गोपाल जोशी ने बताया कि भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय युवा महोत्सव—विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2027 के अंतर्गत देशभर में युवाओं को जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में बीकानेर के युवाओं को इस अभियान से जोड़ने तथा उन्हें विकसित भारत के संकल्प से अवगत कराने के उद्देश्य से युवा संवाद आयोजित किया गया।
उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को अपनी प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता एवं नवीन विचारों को सामने रखने के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध करवाना है। अभियान के विभिन्न चरणों में क्विज, निबंध, प्रस्तुतीकरण एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के आईईक्यूसी निदेशक डॉ. धर्मेश हरवानी ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। कृषि, शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी से भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को नई गति मिल सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपनी प्रतिभा, सकारात्मक सोच, नवाचार एवं नेतृत्व क्षमता का उपयोग करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को माई भारत पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करने तथा आगामी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। युवा संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने विकसित भारत के लक्ष्य, युवाओं की भूमिका, नवाचार, शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में डॉ. गौतम मेघवंशी, डॉ. सीमा शर्मा, डॉ. अभिषेक वशिष्ठ, डॉ. प्रभुदान चारण, डॉ. संतोष शेखावत, डॉ. उमेश शर्मा एवं डॉ. लीला कौर सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर टीम सदस्य
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पवन खत्री, हरिहर राजपुरोहित, रामकिशन गोदारा एवं अमरदीप गोदारा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी, नेतृत्व क्षमता, नवाचार एवं सकारात्मक सोच को विकसित करते हुए उन्हें 2047 तक विकसित भारत के संकल्प से जोड़ना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने तथा विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में सहभागी बनने का संदेश दिया गया।















